बिलासपुर में सजा बंगाली संस्कृति का भव्य उत्सव: वर्षवरण एवं 240वीं साहित्य बैठक में कला, साहित्य और भावनाओं का अद्भुत संगम

Spread the love

 

डॉ. सोमनाथ मुखर्जी के कुशल संचालन में सुर, नृत्य, नाटक और काव्य की अविस्मरणीय प्रस्तुति—नमिता घोष के मार्गदर्शन में साकार हुआ सांस्कृतिक वैभव

 

 

बिलासपुर, 19 अप्रैल 2026

 

 

छत्तीसगढ़ बंगला अकादमी, बिलासपुर द्वारा विनोबा नगर स्थित L2–L3 दुर्गा मंडप में आयोजित “वर्षवरण एवं 240वाँ साहित्य बैठक” भव्यता, अनुशासन और सांस्कृतिक गरिमा के साथ संपन्न हुआ। बंगाली भाषा, साहित्य और परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम ने दर्शकों के दिलों पर गहरी छाप छोड़ी।

कार्यक्रम का प्रभावशाली संचालन डॉ. सोमनाथ मुखर्जी ने किया, जबकि अकादमी गीत के साथ शुभारंभ ने पूरे माहौल को भावनात्मक ऊर्जा से भर दिया। कार्यक्रम में निहाररंजन मल्लिक, असीत कुमार दत्ता, चंदना मित्रा, शुभांशु शेखर घोष, रूपा राहा, बिथीका मंडल, मौसुमी चक्रवर्ती, सौरभ चक्रवर्ती, देवाशीष (बापी) सरकार, अचिंत्य बोस, प्रीथा सरकार, सुजीत मित्रा एवं डॉ. सोमा लाहिड़ी मल्लिक की संगीतमय प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

“वंदे मातरम्” पर आधारित समूह नृत्य में तानिमा रॉय, नीलिमा घोष, सुष्मिता घोष, मौमिता चक्रवर्ती, मौमिता पालित, पूजा प्रमाणिक, सोनाली बनर्जी एवं संतना दासगुप्ता ने प्रभावशाली प्रस्तुति दी, जिसका निर्देशन गोपा दासगुप्ता ने किया। वहीं बाल कलाकार आर्मिमा पाल एवं आयुषी पालित तथा शिवान्या घोष की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में नई ऊर्जा का संचार किया।

साहित्यिक सत्र में पार्थप्रतिम भादुड़ी एवं आयुष परमानिक के काव्य पाठ ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। “नववर्षेर नोतुन प्रभात” गीति आलेख्य में निहार रंजन मल्लिक, प्रबल मुखर्जी, असीत बरण दास, देवाशीष सरकार, मौसुमी चक्रवर्ती, गोपा दासगुप्ता, मौमिता चक्रवर्ती, सोमा लाहिड़ी मल्लिक, मल्लिका सरकार, उमा दास, अनिता गोलदार, मोनिका घोष, रेबा चौधुरी, रीता राय, सौरभ चक्रवर्ती, सीमा सेनगुप्ता, स्वस्तिका विश्वास एवं रेखा दास की सामूहिक प्रस्तुति ने दर्शकों का दिल जीत लिया।

तुलसी लाहिड़ी रचित नाटक “चौर्यानंद” का मंचन राजा दासगुप्ता के निर्देशन में हुआ, जिसमें पार्थसारथी बोस, मल्लिका सरकार, राजा दासगुप्ता, पार्थो सरकार, प्रबल मुखर्जी एवं पूजा प्रमाणिक के अभिनय ने दर्शकों की खूब सराहना बटोरी।

कार्यक्रम के दौरान श्रीमती मेरिना घोष, श्री प्रबल मुखर्जी, श्रीमती नीलिमा घोष एवं श्री शुभेंदु विश्वास का जन्मदिन भी हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।

समापन रात्रि 10 बजे सामूहिक भोज के साथ हुआ, जहां आत्मीयता और सौहार्द का अद्भुत वातावरण देखने को मिला।

अकादमी की अध्यक्षा श्रीमती नमिता घोष के मार्गदर्शन एवं उपाध्यक्ष डॉ. सोमनाथ मुखर्जी के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम की सफलता में डॉ. गोपाल चंद्र मुखर्जी, अनुप देव, सुब्रत चट्टोपाध्याय, प्रवीर घोष, दीपिका विश्वास, प्रतिमा पाल, पार्थसारथी बोस, प्रबाल मुखर्जी सहित सभी सदस्यों एवं सहयोगियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

यह आयोजन न केवल सांस्कृतिक विरासत का उत्सव था, बल्कि बिलासपुर में बंगाली समाज की एकजुटता, सृजनशीलता और सांस्कृतिक समृद्धि का जीवंत प्रमाण भी बना।

नववर्ष की शुभकामनाओं के साथ यह आयोजन शहर की सांस्कृतिक धरोहर के रूप में यादगार बन गया।

 

  • Related Posts

    “अक्षय तृतीया पर नन्हे कदमों ने सजाई परंपरा की बारात: बच्चों ने धूमधाम से रचाई गुड्डा-गुड़िया की भव्य शादी”

    Spread the love

    Spread the love  छत्तीसगढ़/बिलासपुर स्वराज जयसवाल की विशेष रिपोर्ट      बिलासपुर अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर क्षेत्र में एक अद्भुत और मनमोहक दृश्य देखने को मिला, जब नन्हे-मुन्ने…

    बिलासपुर में गूंजा बंगाली नववर्ष का उल्लास, “वर्षो वरन उत्सव” बना संस्कृति और एकता का भव्य संगम

    Spread the love

    Spread the love  छत्तीसगढ़/बिलासपुर   संगीत, नृत्य, कविता और नाटक की रंगारंग प्रस्तुतियों ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध, समाज के सभी सदस्यों की सक्रिय भागीदारी   बिलासपुर 18 अप्रैल 2026…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    error: Content is protected !!