कोरबा। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उपसचिव रह चुकी सौम्या चौरसिया की मुंहबोली बेटी के घर हुई डकैती के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए कुल 19 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पूरी वारदात हंडा (दफन खजाना) खोजने वाले गिरोह की साजिश निकली, जिसमें गांव के तीन लोगों की भी संलिप्तता सामने आई है।
घटना छह नवंबर की रात बालको थाना क्षेत्र के तराईडांड गांव में हुई थी। शत्रुध्न दास के घर 20 से अधिक नकाबपोश डकैत घुसे और परिवार के 11 सदस्यों को बंधक बनाकर नगदी व सोने–चांदी के जेवरात लूट ले गए। डकैतों ने घर में छिपे “काले धन” की अफवाह के आधार पर कई जगह सब्बल से खुदाई भी की थी।
गांव में तनाव, पुलिस-ग्रामीणों के बीच झूमाझटकी
आरोपितों को मेडिकल परीक्षण के लिए अस्पताल लाने पर पहले से मौजूद ग्रामीणों और परिजनों ने पुलिस पर निर्दोषों को फंसाने का आरोप लगाते हुए घेराव किया। इस दौरान महिलाओं और पुलिस कर्मियों के बीच झूमाझटकी भी हुई।
ऐसे खुली गुत्थी
जांच के दौरान पुलिस ने पहले साहिब दास महंत और उसके बेटे सुनील दास को हिरासत में लिया। पूछताछ में दोनों ने बताया कि उन्हें घर में हंडा गड़ा होने की जानकारी मिली थी। उन्होंने विदेशी दास को भी इसमें शामिल किया। गिरोह खुद को हंडा निकालने का विशेषज्ञ बताता है और योजना के तहत इस वारदात को अंजाम दिया गया।
गिरफ्तार आरोपितों की सूची
पुलिस ने इसके बाद जिन 19 आरोपितों को गिरफ्तार किया, उनमें शामिल हैं—
साहिब दास महंत, विदेशी दास मुकुलादास, सुनील दास महंत, नंदकिशोर राठौर, पवन पूजन सिंह, उदियार सिंह गोंड़, संतोष कुमार श्रीवास, उमेश सिंह ठाकुर, समार सिंह, कलेश्वर सिंह, रतिराम सिंह, भोंदूराम, चंद्रकांत डिक्सेना, नरसिंह दास, श्याम जायसवाल, गोरेलाल पटेल, रितेश श्याम, गुनितराम पटेल, शंकर पटेल उर्फ छोंदू, प्रदीप यादव उर्फ लल्लू और अर्जुन विश्वकर्मा।








