ग्रामीणों के विरोध ने जनसुनवाई को उग्र रूप दिया
अम्बिकापुर में Maanpat Bauxite Khadan Vistar को लेकर रविवार को भारी विरोध देखने को मिला। नर्मदापुर मिनी स्टेडियम में आयोजित प्रशासनिक जनसुनवाई उस समय बेकाबू हो गई जब आक्रोशित ग्रामीणों ने पंडाल उखाड़ दिया। कार्यक्रम का उद्देश्य खदान विस्तार पर नागरिकों की राय लेना था, लेकिन पहले ही मिनट से विरोध तेज होता चला गया। प्रशासनिक तैयारियों और पुलिस बल की मौजूदगी के बावजूद स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई। यह पूरा घटनाक्रम Maanpat Andolan के तीव्र होते स्वरूप को दर्शाता है।
ग्रामीणों ने खदान विस्तार को बताया जल-जंगल-जमीन पर हमला
स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रस्तावित Maanpat Bauxite Khadan Vistar क्षेत्र के पर्यावरण पर गहरा आघात करेगा। उनका कहना है कि पहले से संचालित खदानों के कारण जमीन की उर्वरता घट रही है, जलस्रोत सूख रहे हैं, भूजल स्तर तेज़ी से गिर रहा है, और क्षेत्र की वनसम्पदा निरंतर क्षरित हो रही है। ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी कि यह परियोजना उनके अस्तित्व और आजीविका दोनों पर सीधा वार है। कई वक्ताओं का कहना था कि यह मामला अब सिर्फ खनन नहीं, बल्कि Paryavaran Sankat और जनजीवन के अस्तित्व से जुड़ा मुद्दा बन चुका है।
नेता रतनी नाग के आरोपों से बढ़ा तनाव
विरोध का नेतृत्व जिला पंचायत सदस्य रतनी नाग ने किया। उन्होंने आरोप लगाया कि खदान कंपनी तथा कुछ प्रशासनिक कर्मचारियों ने जनसुनवाई से पहले ग्रामीणों को शराब पिलाकर राय बदलने का प्रयास किया। रतनी नाग ने इस घटना को लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को कमजोर करने वाला गंभीर प्रयास बताया। इस आरोप के सामने आने के बाद Chhattisgarh Bauxite Issue और अधिक संवेदनशील हो गया है, जिससे ग्रामीणों का आक्रोश और भी भड़क गया।
पर्यटन और वन्यजीव संरक्षण पर संभावित खतरा
मैनपाट को ‘छत्तीसगढ़ का शिमला’ कहा जाता है। हरियाली, शांत वादियाँ और शीतल जलवायु इसे राज्य का प्रमुख पर्यटन स्थल बनाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि Maanpat Bauxite Khadan Vistar से पर्यावरणीय क्षरण तेज़ होगा और इससे पर्यटन आधारित स्थानीय अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचेगा। साथ ही यह क्षेत्र हाथियों का प्राकृतिक आवास है और खदान विस्तार से हाथियों के विचरण क्षेत्र पर विपरीत प्रभाव पड़ने की आशंका बढ़ गई है, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष बढ़ सकता है।
पुलिस बल की मौजूदगी में भी उखड़ा पंडाल, कार्यक्रम रोकना पड़ा
जनसुनवाई स्थल पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति नियंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन विरोध इतना उग्र हो गया कि ग्रामीणों ने पंडाल उखाड़ दिया और कार्यक्रम बाधित हो गया। माहौल तनावपूर्ण होने के बाद प्रशासन ने जनसुनवाई रोक दी। यह घटना बताती है कि Maanpat Andolan किसी भी समय बड़े रूप में परिवर्तित हो सकता है।
बड़े आंदोलन की चेतावनी, प्रशासन ने किया विचार-विमर्श शुरू
ग्रामीणों ने साफ कहा है कि यदि Maanpat Bauxite Khadan Vistar को आगे बढ़ाने की कोशिश की गई, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे। प्रशासन अब आगे की प्रक्रिया पर विचार कर रहा है, जबकि ग्रामीणों का कहना है कि वे “मैनपाट की मिट्टी और पर्यावरण की रक्षा” के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं।










