खरसिया | पड़ोसी देश बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के खिलाफ हो रही कथित हिंसा, अत्याचार और हत्याओं के विरोध में खरसिया में शिवसेना द्वारा जोरदार प्रदर्शन किया गया। शिवसेना खरसिया इकाई ने खरसिया रेस्ट हाउस के सामने बांग्लादेश के कार्यवाहक प्रधानमंत्री मोहम्मद यूनुस का पुतला दहन कर अपना आक्रोश व्यक्त किया।
रेस्ट हाउस के सामने किया गया विरोध प्रदर्शन
यह प्रदर्शन शिवसेना खरसिया इकाई के अध्यक्ष पिंटू यादव के नेतृत्व में आयोजित किया गया। बड़ी संख्या में शिवसैनिकों ने मौके पर पहुंचकर बांग्लादेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध दर्ज कराया।

हिंदू समुदाय पर अत्याचार को बताया गंभीर और चिंताजनक
इस दौरान पिंटू यादव ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के विरुद्ध लगातार हिंसा, अत्याचार और निर्मम हत्याओं की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे पूरे देश में आक्रोश व्याप्त है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन घटनाओं पर बांग्लादेश के कार्यवाहक प्रधानमंत्री मोहम्मद यूनुस की चुप्पी न केवल चिंताजनक है, बल्कि वहां रह रहे हिंदुओं की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरे का संकेत भी है।

हिंदू युवक की कथित हत्या का किया उल्लेख
पिंटू यादव ने बताया कि तीन दिन पूर्व बांग्लादेश में एक हिंदू युवक दीपू दास की कथित रूप से भीड़ द्वारा बेरहमी से हत्या की गई। आरोप है कि युवक को पेड़ से लटकाकर निर्वस्त्र किया गया और बाद में आग के हवाले कर दिया गया। शिवसेना ने इस घटना को मानवता को शर्मसार करने वाला बताया।
प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर हुआ आंदोलन
यह विरोध प्रदर्शन शिवसेना छत्तीसगढ़ के प्रदेश प्रमुख धनंजय सिंह परिहार के निर्देशानुसार प्रदेशभर में चल रहे आंदोलन की कड़ी के रूप में किया गया। संगठन ने बांग्लादेश सरकार की कथित उदासीनता और हिंदू विरोधी ताकतों के खिलाफ कड़ा विरोध जताया।
नारेबाजी और पुतला दहन से जताया आक्रोश
प्रदर्शन के दौरान शिवसैनिकों ने “बांग्लादेश मुर्दाबाद” और “घुसपैठी भगाओ, देश बचाओ” जैसे नारे लगाए। इसके बाद बांग्लादेश के कार्यवाहक प्रधानमंत्री और कथित दोषियों का पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराया गया।
शिवसैनिकों की रही सक्रिय भागीदारी
इस प्रदर्शन में यदु साहू (ब्लॉक सचिव), खिलेश साहू, नितेश राठौर, सुरेश सिदार, पुरुषोत्तम दास महंत, रिंकू भाट, महावीर यादव, सुनील राठौर, संजय यादव सहित बड़ी संख्या में शिवसेना कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ कार्यक्रम
पुतला दहन और नारेबाजी के बाद प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।









