बिलासपुर। स्वराज जयसवाल विशेष रिपोर्ट।
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर कांग्रेस ने उठाए सवाल, पात्र मतदाताओं के नाम दोबारा जोड़ने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग
बिलासपुर, 8 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन कर अपनी नाराजगी जाहिर की। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर चुनाव आयोग के खिलाफ ज्ञापन सौंपा और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई।

मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप, पारदर्शिता की मांग
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया के तहत कई पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। पार्टी ने इस पर गंभीर आपत्ति जताते हुए कहा कि प्रत्येक पात्र नागरिक को मतदान का अधिकार मिलना चाहिए और मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी एवं निष्पक्ष होनी चाहिए।
कांग्रेस ने मांग की कि मतदाता सूची की समीक्षा कराई जाए, पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाने से जुड़ी शिकायतों की जांच हो और जिन योग्य मतदाताओं के नाम कथित तौर पर सूची से हटाए गए हैं, उन्हें नियमानुसार दोबारा शामिल किया जाए।
लोकतंत्र में मतदान का अधिकार सर्वोपरि
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मतदान का अधिकार लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियाद है। मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की त्रुटि या अनियमितता से पात्र नागरिक अपने लोकतांत्रिक अधिकार से वंचित हो सकते हैं। इसलिए इस प्रक्रिया में जवाबदेही, पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना आवश्यक है।
पार्टी ने अपने ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन और चुनाव आयोग के समक्ष इन मुद्दों को उठाते हुए आवश्यक कार्रवाई की मांग की।

देशभर में विरोध के बीच बिलासपुर में भी प्रदर्शन
चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और SIR प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों के विरोध के बीच बिलासपुर में कांग्रेस का यह प्रदर्शन राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राष्ट्रीय स्तर पर भी विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर सवाल उठा रहे हैं और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं।
राजनीतिक सरगर्मी तेज
कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन सौंपने के बाद कांग्रेस ने मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर अपनी आपत्ति स्पष्ट कर दी। अब इस मामले में प्रशासन और संबंधित निर्वाचन अधिकारियों की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर नजर रहेगी।









