छत्तीसगढ़ में 6,000 करोड़ रुपये के महादेव सट्टा एप घोटाले की जांच में बड़ा मोड़ आया है। इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ CBI ने FIR दर्ज कर दी है। यह FIR 18 दिसंबर 2024 को दिल्ली में CBI के इकोनॉमिक ऑफेंस सेक्शन-3 पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थी।
इस घोटाले में महादेव बेटिंग एप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल समेत 21 लोगों को आरोपी बनाया गया है। आरोप है कि पूर्ववर्ती सरकार के मुख्यमंत्री और कई पुलिस अधिकारियों ने “प्रोटेक्शन मनी” लेकर इस सट्टेबाजी को संरक्षण दिया।
CBI ने FIR दर्ज होने के बाद देशभर में कई स्थानों पर छापेमारी की। दिल्ली, छत्तीसगढ़, भोपाल और कोलकाता समेत कई जगहों पर भूपेश बघेल और अन्य 60 आरोपियों के ठिकानों पर छापे मारे गए। FIR में भूपेश बघेल का नाम छठे नंबर पर दर्ज है।
मुख्य आरोपी:
1. सौरभ चंद्राकर
2. रवि उप्पल
3. शुभम सोनी
4. चंद्रभूषण वर्मा
5. असीम दास
6. सतीश चंद्राकर
7. भूपेश बघेल
8. नितीश दीवान
9. अनिल अग्रवाल
10. विकास छापरिया
11. रोहित गुलाटी
12. विशाल आहूजा
13. धीरज आहूजा
14. अनिल कुमार दम्मानी
15. सुनील कुमार दम्मानी
16. भीम सिंह यादव
17. हरीशंकर तिबरवाल
18. सुरेंद्र बागड़ी
19. सूरज चोखानी
20. अज्ञात ब्यूरोक्रेट (2 अधिकारी)
क्या है महादेव बेटिंग एप घोटाला?
महादेव बेटिंग एप एक अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म है, जो भारत में गैरकानूनी तरीके से करोड़ों रुपये की सट्टेबाजी संचालित करता था। इस घोटाले के जरिए छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में हजारों करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग की गई। आरोप है कि नेताओं और पुलिस अधिकारियों को “प्रोटेक्शन मनी” देकर यह नेटवर्क चलाया जा रहा था।
डिप्टी सीएम अरुण साव का बयान
FIR दर्ज होने के बाद छत्तीसगढ़ के डिप्टी मुख्यमंत्री अरुण साव ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा,
यह एक बहुत बड़ा सट्टेबाजी घोटाला है, जिसमें बड़े-बड़े नेता और प्रभावशाली लोग शामिल थे। महादेव एप के जरिए बड़े पैमाने पर सट्टे का कारोबार हुआ है। जांच में जिन लोगों के खिलाफ साक्ष्य मिलेंगे, उनके खिलाफ FIR दर्ज होगी। CBI निष्पक्ष जांच कर रही है और कानूनी कार्रवाई होगी।”
CBI की जांच जारी है और आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।







