गांजा तस्करी में संलिप्त आरक्षक और ड्राइवर निलंबित, फिर हुए गिरफ्तार

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भिलाई । जिले के पुलिस कप्तान जितेन्द्र शुक्ला ने गांजा तस्करी के एक मामले में जब्त गांजा में से कम जब्ती दिखाकर एक बोरी गांजा को पार कर देने वाले  एक आरक्षक व डायल 112 के चालक को निलंबित कर दिया है। उसके बाद उनके विरूद्ध अपराध दर्ज कर उनको गिरफ्तार कर लिया आपको बता दें कि पुरानी भिलाई थाने का आरक्षक डायल 112 के चालक के साथ मिलकर गांजा तस्करी के मामले में पकड़ाया है। दरअसल आरक्षक ने तस्करों से बरामद गांजे की तीन में से एक बोरी को अपने कब्जे में रख लिया था।

मामला उजागर होने पर एसपी जितेन्द्र शुक्ला ने भिलाई-3 थाने में पदस्थ आरक्षक विजय धुरंधर को निलंबित कर दिया। वही मंगलवार को निलंबित आरक्षक विजय धुरंधर और डायल 112 के ड्राइवर अनिल टंडन के खिलाफ भिलाई-3 पुलिस ने अपराध कायम कर गिरफ्तार कर लिया है। पुरानी भिलाई पुलिस ने धारा 20(क्च)(द्बद्ब)(क्च) एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की है।

दरअसल 30 मार्च की शाम को पुरैना में एनएसपीसीसी राखड़ बांध की ओर से आ रही सफेद रंग की एसयूवी सीजी 22 एसी 5656 को डायल 112 वाहन में चल रहे भिलाई-3 थाने के आरक्षक विजय धुरंधर ने रोका। कार में सवार धीरेन्द्र शर्मा निवासी सेक्टर 11 जोन 1 खुर्सीपार तथा युवराज मेहता निवासी गायत्री नगर भिलाई-3 से पूछताछ करने के बाद तलाशी ली तो पीछे सीट के ऊपर तीन प्लास्टिक की बोरियां मिली।

बोरियों में गांजा रखे होने का पता चलने पर आरक्षक विजय धुरंधर और डायल 112 के ड्राइवर अनिल टंडन ने एक बोरी अपने कब्जे में रख लिया और दो बोरियों की बरामदगी दिखाकर दोनों युवकों को थाने ले गए। पुलिस की पूछताछ में गांजा तस्करी के मामले में पकड़े गए दोनों युवकों दो के बजाय तीन बोरी गांजा होने की जानकारी दी। जबकि आरक्षक विजय धुरंधर और डायल 112 के ड्राइवर अनिल टंडन ने थाने में दो बोरी गांजा बरामद किए जाने की जानकारी दी थी।

इसके बाद पुलिस ने जांच की तो पता चला डायल 112 का चालक ग्राम औंधी निवासी अनिल कुमार टंडन और आरक्षक विजय धुरन्धर ने उक्त  गांजा पार किया था। पुलिस ने आरक्षक के पास से 6.398 किलोग्राम छ किलो तीन सौ अंठयनबे ग्राम मादक पदार्थ गांजा कीमती करीबन 37 हजार रुपए डायल 112 वाहन सूमो क्रमांक सीजी 03 7086 कीमती 3 लाख व मोबाइल फोन जब्त किया है।

पुलिस अधीक्षक दुर्ग जितेन्द्र शुक्ला ने भिलाई-3 थाने में पदस्थ आरक्षक 1654 विजय धुरंधर को एनडीपीएस के प्रकरण में संलिप्तता पाए जाने के कारण 31 मार्च 2025 के अपरान्ह से निलंबित कर रक्षित केन्द्र दुर्ग में सम्बद्ध किया था। निलंबन अवधि में आरक्षक विजय धुरंधर को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। इसके बाद आज आरक्षक विजय धुरंधर और डायल 112 के ड्राइवर अनिल टंडन को गिरफ्तार कर लिया गया है।

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