
Gautam Adani : पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के यूएस दौरे से पहले गौतम अडाणी के लिए पर अमेरिका से खुशखबरी आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने विदेशों में भ्रष्टाचार विरोधी कानून खत्म कर दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने करीब 50 साल पुराने फॉरेन करप्ट प्रैक्टिसेस एक्ट (FCPA) को निलंबित कर दिया है। इससे विदेशों में व्यापार के लिए रिश्वत देना अपराध नहीं रहेगा। भारतीय बिजनेसमैन गौतम अडाणी पर इस कानून के तहत अमेरिका में केस दर्ज किया गया है। जिसमें उन पर भारतीयों अधिकारियों को रिश्वत देने की प्लानिंग का आरोप है। ट्रम्प ने यह फैसला PM मोदी के अमेरिका दौरे से 2 दिन पहले लिया है।
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि इस कानून को लागू करने के बाद से पूरी दुनिया अमेरिका (USA) पर हंस रही है। अब डोनाल्ड ट्रंप ने इस कानून को निरस्त करने वाले कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए हैं।

ट्रम्प ने अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी को इस कानून के तहत दिए गए फैसलों की समीक्षा करने के लिए गाइडलाइन्स बनाने का निर्देश दिया है। ट्रम्प ने आदेश दिया है कि, न्याय विभाग उन अमेरिकियों पर मुकदमा चलाना रोक दे, जिन पर अन्य देशों में व्यापार के लिए विदेशी अधिकारियों को रिश्वत देने का आरोप है।
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट ने बताया कि इस आदेश के मुताबिक अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) को निर्देश दिया गया कि वो अपने देशों में व्यापार बनाए रखने की कोशिश करते हुए विदेशी अधिकारियों को रिश्वत देने के आरोपी अमेरिकियों के उत्पीड़न को रोकें। इसके साथ ही ट्रम्प के नए आदेश में लगभग 50 साल पुराने विदेशी भ्रष्ट आचरण अधिनियम (FCPA) पर रोक लगा दी गई है। इसके अलावा अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी को इस कानून से जुड़े वर्तमान और पिछले फैसलों की समीक्षा करने और इसके प्रवर्तन के लिए नए दिशानिर्देश बनाने का आदेश दिए गए हैं।
अडाणी पर अरबों की धोखाधड़ी के आरोप
गौर करने वाली बात ये है कि अडाणी समूह के चेयरमैन गौतम अडाणी (Gautam Adani) पर सोलर प्लांट से जुड़े कथित 2200 करोड़ रुपए की रिश्वतखोरी के मामले में इसी FCPA कानून के तहत आरोप लगे थे। अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) ने पहले दावा किया था कि गौतम अडाणी, उनके भतीजे सागर अडाणी और उनके 6 साथियों ने निवेशकों के वित्तपोषित कॉन्ट्रैक्ट के बदले भारतीय अधिकारियों को 250 मिलियन डॉलर से ज्यादा देेने का वादा किया था, जिनमें से कुछ अमेरिकी हैं। हालांकि इन आरोपों को गौतम अडाणी ने निराधार बताते हुए खारिज कर दिया था और कहा था कि वे इस मुद्दे पर कानूनी रूप से लड़ेंगे।
क्या है FCPA एक्ट
फॉरेन करप्ट प्रैक्टिसेस एक्ट (FCPA) को अमेरिका ने 1977 में लागू किया था। इसके तहत अमेरिका में रजिस्टर्ड कंपनियों को व्यापार और दूसरे मकसद के लिए विदेशों अधिकारियों को रिश्वत देने पर रोक लगा दी गई थी। सोमवार को व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में इस कानून पर रोक जुड़े आदेश पर साइन करते हुए ट्रम्प ने कहा, “इस फैसले से अमेरिका के लिए व्यापार के नए अवसर तैयार होंगे। ट्रम्प ने अपने पहले कार्यकाल में भी इस कानून को खत्म करने की इच्छा जताई थी। उन्होंने इसे भयानक कानून बताते हुए कहा, इस कानून की वजह से दुनिया हम पर हंस रही है।
12-13 फरवरी को अमेरिका का दौरा करेंगे पीएम मोदी
बता दें कि अमेरिका का ये फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमेरिका दौरे से ठीक एक दिन पहले लिया गया है। 12 और 13 फरवरी को पीएम मोदी अमेरिका में रहेंगे और यहां पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से वे मुलाकात कर द्विपक्षीय बैठकें करेंगे।









