रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति एक बार फिर गरमाई हुई है। पूर्व मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अमरजीत भगत ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के संभावित मंत्रिमंडल विस्तार पर करारा तंज कसा है। उन्होंने इसे “झुनझुना” बताते हुए कहा कि यह कोई असली विस्तार नहीं, बल्कि केवल दिखावे की कवायद है।
“ये विस्तार नहीं, सिर्फ दिखावा है। असल में कुछ दिया ही नहीं जा रहा,” – अमरजीत भगत
“मूणत और चंद्राकर तो लिस्ट में ही नहीं”
पत्रकारों से बातचीत के दौरान भगत ने राजेश मूणत और अजय चंद्राकर के नाम मंत्रिमंडल की अटकलों से गायब होने पर तंज कसा। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा–
“अब नितिन नबीन आएंगे और झुनझुना बजायेंगे।”
इस बयान से भगत ने भाजपा की अंदरूनी खींचतान और सत्ता की राजनीति को निशाने पर लिया।
बृजमोहन अग्रवाल के पत्र पर हमला, बताया ‘पेपर बम’
भाजपा सांसद बृजमोहन अग्रवाल द्वारा बर्खास्त बीएड सहायक शिक्षकों के समर्थन में लिखे पत्र को भी भगत ने हल्के में लेते हुए “पेपर बम” करार दिया।
“सांसद का अपनी ही सरकार से कोई तालमेल नहीं है। जो बहन-बेटियां आज जल रही हैं, उनकी सुध कौन लेगा? सत्ता का सुख राजनीति नहीं है।”
10 अप्रैल को हो सकता है मंत्रिमंडल विस्तार
भाजपा के आंतरिक सूत्रों और सोशल मीडिया ग्रुप्स के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, 10 अप्रैल को मुख्यमंत्री साय के मंत्रिमंडल का बहुप्रतीक्षित विस्तार हो सकता है।
इसमें तीन नए मंत्री शपथ ले सकते हैं और विभिन्न सामाजिक वर्गों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की जाएगी। साथ ही, 12 से अधिक संसदीय सचिवों और एक विधानसभा उपाध्यक्ष की नियुक्ति भी संभावित है।









