जनकपुर/कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में सरकारी ज़मीन के हेरफेर और अवैध कब्ज़े के एक बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। इस मामले में जनकपुर थाना पुलिस ने कोरबा तहसीलदार सत्यपाल राय को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की कार्रवाई से राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है, क्योंकि इस घोटाले में अन्य अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है।
सरकारी ज़मीन के दस्तावेज़ों में हेराफेरी का आरोप
जांच के दौरान सामने आया कि सरकारी ज़मीनों से जुड़े दस्तावेज़ों में जानबूझकर गड़बड़ी की गई और कागज़ी कार्रवाई के ज़रिए ज़मीन को अवैध तरीके से अन्य लोगों को स्थानांतरित किया गया। पुलिस का दावा है कि तहसीलदार सत्यपाल राय ने इस पूरे घोटाले में मुख्य भूमिका निभाई और अब उनसे गहन पूछताछ की जा रही है।
क्या हैं आरोप?
- सरकारी ज़मीनों के फर्जी दस्तावेज़ तैयार करना
- अवैध कब्ज़ों को वैध बनाने का प्रयास
- राजस्व अधिकारियों और बिचौलियों की साठगांठ का संदेह
MCB में हुआ था ज़मीन घोटाला, पुरानी शिकायत से खुला मामला
यह घोटाला मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) क्षेत्र में सामने आया था, जब सत्यपाल राय वहां के तहसीलदार थे। वर्ष 2021 में गोविंदराम प्रजापति नामक एक ग्रामीण ने जनकपुर थाना में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें कहा गया कि उसकी ज़मीन को बिना अनुमति के बेचने की प्रक्रिया शुरू की गई।
इसके बाद धोखाधड़ी के तहत मामला दर्ज हुआ और पूर्व पटवारी व वर्तमान राजस्व निरीक्षक आशीष सिंह को भी गिरफ्तार किया गया। अब तहसीलदार राय की गिरफ्तारी ने इस केस को और गंभीर बना दिया है।
राजस्व विभाग में मचा हड़कंप, जांच में और नाम आ सकते हैं सामने
तहसीलदार की गिरफ्तारी से राजस्व विभाग में खलबली मच गई है। सूत्रों की मानें तो जांच में और भी अफसरों और कर्मचारियों के नाम उजागर हो सकते हैं, जो इस घोटाले में शामिल रहे हैं।









