भारत के स्मार्टफोन बाजार में 2025 की पहली तिमाही में जबरदस्त बदलाव देखने को मिला है। IDC की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, इस अवधि में स्मार्टफोन की शिपमेंट में साल-दर-साल 5.5% की गिरावट दर्ज की गई है। जनवरी से मार्च 2025 के बीच केवल 32 मिलियन यूनिट्स स्मार्टफोन भारत में शिप किए गए, जो लगातार दूसरी तिमाही में गिरावट को दर्शाता है।
शाओमी का ग्राफ तेजी से गिरा, टॉप-5 से बाहर
सबसे बड़ा झटका चीनी स्मार्टफोन ब्रांड Xiaomi को लगा है। कंपनी की शिपमेंट में 42% की भारी गिरावट आई है। 2024 की पहली तिमाही में जहां शाओमी का मार्केट शेयर 12.4% था, वहीं अब यह घटकर महज 7.8% रह गया है। इस गिरावट के चलते Xiaomi अब टॉप-5 स्मार्टफोन ब्रांड्स की सूची से बाहर हो गई है और छठे स्थान पर पहुंच गई है।
Apple और Realme को बड़ा फायदा
इस तिमाही का सबसे बड़ा सरप्राइज Apple रहा, जिसने पहली बार भारत के टॉप-5 स्मार्टफोन ब्रांड्स में जगह बनाई है। Apple का मार्केट शेयर 9.5% तक पहुंच गया है और कंपनी ने 23.1% की जबरदस्त शिपमेंट ग्रोथ दर्ज की है। दूसरी ओर, Realme ने भी मजबूती से वापसी की है और अब 10.6% मार्केट शेयर के साथ चौथे पायदान पर है। कंपनी के मार्केट शेयर में साल-दर-साल 2.2% की बढ़ोतरी देखी गई है।
Vivo और Samsung शीर्ष पर बरकरार
Vivo ने एक बार फिर 19.7% मार्केट शेयर के साथ नंबर-1 ब्रांड की कुर्सी हासिल की है। पिछले तिमाही में इसका शेयर 16.2% था, यानी कंपनी ने 14.6% की ग्रोथ दर्ज की है। Samsung ने भी अच्छा प्रदर्शन करते हुए 16.4% शेयर के साथ दूसरा स्थान बनाए रखा है।
Oppo ने भी दिखाई मजबूती
Oppo का प्रदर्शन भी सराहनीय रहा। कंपनी ने 12% मार्केट शेयर के साथ अपनी स्थिति मजबूत की है, जबकि पिछली तिमाही में उसका शेयर 10.2% था। कंपनी की ग्रोथ 11.9% रही है।
कमजोर डिमांड और ज्यादा इनवेंटरी बनी गिरावट की वजह
विशेषज्ञों का मानना है कि स्मार्टफोन की कम होती मांग और बाजार में पहले से मौजूद ज्यादा इनवेंटरी इस गिरावट की प्रमुख वजह रही है।
2025 की पहली तिमाही भारतीय स्मार्टफोन बाजार के लिए परिवर्तनकारी रही है। जहां एक ओर कुछ कंपनियों ने नई ऊंचाइयों को छुआ, वहीं कुछ दिग्गजों को करारा झटका लगा। आने वाली तिमाहियों में यह देखना दिलचस्प होगा कि ब्रांड्स कैसे रणनीति बदलते हैं और उपभोक्ताओं का भरोसा जीतने की कोशिश करते हैं।










