पंचायत चुनाव में हंगामा: हार के बाद मतदान दल को बंधक बनाने की कोशिश, पथराव में पुलिसकर्मी घायल, 9 गिरफ्तार
बिलासपुर: छत्तीसगढ़ में 20 फरवरी को हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दूसरे चरण के दौरान बिलासपुर जिले के मोपका चौकी स्थित लगरा गांव में बड़ा बवाल हो गया। हारी हुई सरपंच प्रत्याशी और उनके समर्थकों ने मतगणना में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए मतदान दल को बंधक बनाने का प्रयास किया। हालात बिगड़ने पर पुलिस को मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालनी पड़ी, लेकिन इस दौरान मतदान दल और पुलिस पर पथराव कर दिया गया, जिसमें कई लोग घायल हो गए। पुलिस ने इस मामले में 9 लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।
पुनर्मतगणना को लेकर हंगामा, मतदान दल को बनाया निशाना
लगरा गांव में 20 फरवरी को पंच और सरपंच पद के लिए सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक मतदान हुआ। इसके बाद मतगणना की प्रक्रिया शुरू हुई, जिसमें सरपंच पद की प्रत्याशी पद्मावती कांगो को हार का सामना करना पड़ा। परिणाम सामने आने के बाद पद्मावती कांगो, उनके पति शत्रुघ्न कांगो और समर्थकों ने चुनाव अधिकारी से बहस शुरू कर दी। हार से नाराज प्रत्याशी और उनके समर्थकों ने मतगणना में धांधली का आरोप लगाते हुए दोबारा गिनती की मांग की। जब उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो उन्होंने मतदान दल को बंधक बनाने की कोशिश की, जिसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी गई।
पथराव में पुलिस अधिकारी सहित कई घायल
घटना की जानकारी मिलते ही सरकंडा सीएसपी उदयन बेहर के नेतृत्व में सीपत और सरकंडा थाना पुलिस की अतिरिक्त टीम मौके पर भेजी गई। पुलिस दल ने मतदान अधिकारियों को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन तभी पद्मावती कांगो के समर्थकों ने पथराव शुरू कर दिया। इस हमले में सीपत थाना प्रभारी, दो पुलिसकर्मी और अन्य लोग घायल हो गए, जबकि पुलिस की हायर पेट्रोलिंग वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गई।
9 गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी
पुलिस ने हालात पर काबू पाने के बाद 14 नामजद और 100 से अधिक अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। अब तक 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि उपद्रव करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि चुनावी प्रक्रिया में किसी तरह की बाधा न आए।







