पुलिस की सतर्कता और तकनीकी रणनीति से मिली बड़ी सफलता, फरारी में सहयोग करने वाली युवती पर भी कार्रवाई
कोरबा। जिला जेल से फरार चार विचाराधीन बंदियों में से तीन को कोरबा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर लिया है। सभी आरोपी पॉक्सो एक्ट के गंभीर प्रावधानों के तहत जेल में बंद थे और जेल की सुरक्षा व्यवस्था को भेदकर फरार हो गए थे। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विशेष टीम गठित कर आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए।
तीन आरोपी गिरफ्तार, एक की तलाश जारी
फरार आरोपियों में शामिल थे:
1. दशरथ सिदार (थाना सिविल लाइन)
2. राजा कंवर (चौकी राजगामार)
3. सारण सिक्कू (थाना बालको)
4. चंद्रशेखर राठिया (थाना श्याम)
इनमें से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि चौथे आरोपी चंद्रशेखर राठिया की तलाश जारी है। पुलिस ने छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में लगातार दबिश दी और साइबर सेल की मदद से लोकेशन ट्रेसिंग व मुखबिर तंत्र का उपयोग किया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान:
1. सारण सिक्कू (26), पिता शंकर सिंह, निवासी लालघाट, मुंडा मोहल्ला, थाना बालको, जिला कोरबा – रायगढ़ से गिरफ्तार
2. राजा कंवर (22), पिता टीकाराम कंवर, निवासी भुलसीडीह, चौकी राजगामार, कोरबा – रायगढ़ से गिरफ्तार
3. दशरथ सिदार (19), पिता प्रताप सिंह सिदार, निवासी रामपुर, थाना सिविल लाइन, कोरबा – कोरबा शहर से गिरफ्तार
इन तीनों को गिरफ्तार कर पुलिस हिरासत में लिया गया है और आवश्यक वैधानिक प्रक्रियाओं के तहत न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
फरारी में प्रेमिका की भूमिका भी उजागर
जांच में सामने आया है कि एक आरोपी की प्रेमिका बार-बार पुलिस को गुमराह कर रही थी और जानबूझकर भ्रामक सूचना देकर फरारी में मदद कर रही थी। इस पर भी वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस की विशेष टीम और पुरस्कार की घोषणा
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं नगर पुलिस अधीक्षक भूषण एक्का के नेतृत्व में 8 निरीक्षकों और 50 आरक्षकों की दो टीमें गठित की गई थीं। साथ ही, फरार आरोपियों की सूचना देने वाले को ₹10,000 का इनाम देने की घोषणा की गई थी। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
कोरबा पुलिस की अपील
कोरबा पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। यह सफलता पुलिस की सतर्कता, तकनीकी दक्षता और प्रभावी टीमवर्क का परिणाम है।








