पेलेट यूनिट में लोहे का ढांचा गिरा, 6 मजदूरों की मौत, 12 से अधिक घायल
धरसींवा। गोदावरी पावर एंड इस्पात लिमिटेड के पेलेट यूनिट में शुक्रवार को हुए भीषण हादसे में प्रबंधन के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया गया है। हादसे में मैनेजर समेत छह लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 12 से अधिक लोग मलबे में दब गए थे।
पुलिस ने सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने और लापरवाही बरतने के आरोप में प्रकरण पंजीबद्ध कर लिया है। सुबह सभी मृतकों के शव पोस्टमार्टम के बाद उनके स्वजनों को सौंप दिए गए।
🔹 हादसे की वजह और कर्मचारियों के आरोप
कर्मचारियों का आरोप है कि प्लांट को केवल दो दिन पहले ही शटडाउन किया गया था। सामान्य स्थिति में शटडाउन के बाद कम से कम सात दिन तक मशीनों को ठंडा होने देना आवश्यक होता है।
लेकिन उत्पादन की जल्दबाजी में अधिकारियों ने सिर्फ दो दिन में जांच और सफाई शुरू करा दी। इसी दौरान हाफर गिरा, और मजदूरों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला।
“हमें बाहर निकलने का समय तक नहीं मिला, सभी लोग अचानक मलबे में दब गए,” कर्मचारियों ने बताया।
🔹 जांच टीम पहुंची, रिपोर्ट तैयार होगी
- श्रम और औद्योगिक स्वास्थ्य सुरक्षा विभाग की टीम शनिवार को घटनास्थल पर पहुंची।
- टीम ने हादसे की परिस्थितियों का जायजा लिया और सुरक्षा उपायों से संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल की।
- विभाग ने बताया कि विस्तृत जांच रिपोर्ट जल्द तैयार कर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
🔹 प्रबंधन का बयान
कंपनी प्रबंधन के इमेंद्र दान ने कहा:
- घायलों का इलाज और मृतकों के परिजनों को सहायता प्राथमिकता है।
- कंपनी स्वतंत्र जांच कराएगी और सुरक्षा मानकों के पालन की पूरी समीक्षा करेगी।
- हादसा प्लांट के उस हिस्से में हुआ, जो विस्तार कार्य के अंतर्गत तैयार किया जा रहा था।
- सभी मजदूरों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए थे।
प्रारंभिक जांच में निर्माण सामग्री की गुणवत्ता और संरचनात्मक कमजोरी पर भी सवाल उठे हैं।








