बिलासपुर, छत्तीसगढ़। शासकीय नौकरी दिलाने का झांसा देकर 43 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। हैरानी की बात यह रही कि पुलिस ने इस मामले में केवल ठगों को नहीं, बल्कि पैसे देकर नौकरी पाने की कोशिश करने वाले व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया है। यह पहला मामला है, जब ठगी करने वाले और ठगी का शिकार दोनों को आरोपी बनाया गया है।
सरकारी पदों पर नियुक्ति का झांसा देकर ठगे लाखों
सकरी थाना क्षेत्र के नेचर सिटी निवासी 55 वर्षीय सूर्यकांत जायसवाल ने अपने दो बेटों और एक बेटी को खाद्य निरीक्षक, हॉस्टल अधीक्षक और पटवारी की नौकरी दिलवाने के लिए निगारबंद निवासी 67 वर्षीय विष्णु प्रसाद राजपूत से संपर्क किया। विष्णु ने सूर्यकांत की मुलाकात अपने बेटे अनीश राजपूत से करवाई, जिसने खुद को सरकारी नौकरी दिलवाने में सक्षम बताया।
खातों में ट्रांजेक्शन और चेक के माध्यम से दिए गए पैसे
सूर्यकांत ने फरवरी 2022 से जून 2023 के बीच अनीश राजपूत और जावेद खान उर्फ राजा को किश्तों में कुल 43 लाख रुपये दिए। पैसों की सुरक्षा के लिए जावेद की पत्नी सीमा सोनी के खाते से चेक भी प्राप्त किया गया था। जब लंबे समय तक नौकरी नहीं मिली और आरोपियों की तरफ से टालमटोल किया जाने लगा, तो सूर्यकांत ने तखतपुर थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई।
तीन आरोपी गिरफ्तार, एक पहले से जेल में
जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने 29 जून को तीन आरोपियों – विष्णु प्रसाद राजपूत, सीमा सोनी और शिकायतकर्ता सूर्यकांत जायसवाल – को भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी) के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जबकि चौथा आरोपी जावेद खान पहले से ही एक अन्य ठगी मामले में बिलासपुर जेल में बंद है।
पुलिस की कार्रवाई से मचा हड़कंप
पुलिस की इस निष्पक्ष कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। यह मामला न केवल ठगी बल्कि शासकीय नौकरी के लिए अवैध रूप से लेन-देन करने वालों के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।







