राजादेवरी: छत्तीसगढ़ के धान उपार्जन केंद्र रिकोकला में बड़े पैमाने पर धान खरीदी घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। आरोपी अमृतलाल पटेल और उसके साथी ने रजिस्टर में हेरफेर कर ₹74 लाख से अधिक का धान गायब कर दिया। मामले की जांच के बाद पुलिस ने अमृतलाल पटेल को गिरफ्तार कर लिया है।
रजिस्टर में गड़बड़ी से सामने आया घोटाला
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक शाखा बया के माधव लाल नायक ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि धान खरीदी में गड़बड़ी हुई है। मामले की जांच एसडीएम गिरोधपुरी और तहसीलदार सोनाखान ने की, जिसमें यह खुलासा हुआ कि धान खरीदी रजिस्टर और आवक-जावक रजिस्टर में हेराफेरी कर फर्जी रिकॉर्ड तैयार किया गया था।
जांच में सामने आए आंकड़े:
- रजिस्टर के अनुसार: कुल 16,064 बोरी धान (6425.60 क्विंटल) स्टॉक में दर्ज था।
- हकीकत में: मात्र 10,093 बोरी (4037.20 क्विंटल) ही मौजूद पाई गई।
- यानी 5,971 बोरी (2388.40 क्विंटल) धान गायब, जिसकी अनुमानित कीमत ₹74,04,040 आंकी गई।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई, आरोपी गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना राजादेवरी में तत्काल अपराध दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपी अमृतलाल पटेल को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने धोखाधड़ी की बात स्वीकार कर ली। उसने खुलासा किया कि उसने अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर यह घोटाला किया था।
आरोपी के खिलाफ दर्ज धाराएं:
पुलिस ने अमृतलाल पटेल के खिलाफ धारा 316(5), 3(5), 336(2), 336(3), 340(2), 318(2), 238 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया है।
अगला कदम: कोर्ट में होगी पेशी, अन्य आरोपियों की तलाश जारी
- आरोपी अमृतलाल पटेल (32 वर्ष), निवासी ग्राम रंगोरा, चौकी बया, थाना राजादेवरी को 1 मार्च 2025 को न्यायालय में पेश किया जाएगा।
- पुलिस अब इस घोटाले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है और पूरे मामले की गहन जांच जारी है।
बड़े सवाल, जो अब उठ रहे हैं:
✅ क्या इस घोटाले में और भी अधिकारी या कर्मचारी शामिल हैं?
✅ क्या यह मामला सिर्फ एक उपार्जन केंद्र तक सीमित है, या किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा है?
✅ प्रशासन ऐसे घोटालों को रोकने के लिए क्या कदम उठाएगा?
छत्तीसगढ़ में धान खरीदी में भ्रष्टाचार का यह कोई पहला मामला नहीं है, लेकिन ₹74 लाख की इस हेराफेरी ने एक बार फिर सिस्टम की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।









