डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गुजरात के वलसाड जिले में अल्प्राज़ोलम बनाने वाली अवैध ड्रग फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। ‘ऑपरेशन व्हाइट कौल्ड्रॉन’ नाम के इस अभियान में डीआरआई टीम ने करीब 22 करोड़ रुपए मूल्य की ड्रग्स जब्त की हैं और इस रैकेट से जुड़े चार लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में फाइनेंसर, निर्माता, उत्पादन में शामिल कर्मचारी और तेलंगाना से आया रिसीवर शामिल हैं।
खुफिया इनपुट के आधार पर डीआरआई टीम ने गुजरात स्टेट हाईवे के पास एक सुनसान स्थान पर कई दिनों तक नजर रखी। उचित समय का इंतजार करने के बाद 4 नवंबर को छापेमारी की गई। जांच में यह फैक्ट्री पूरी तरह औद्योगिक स्तर पर संचालित पाई गई, जहां अल्प्राज़ोलम के उत्पादन के लिए उन्नत मशीनरी और उपकरण लगे हुए थे।
बरामदी में शामिल है:
- 9.55 किलोग्राम तैयार अल्प्राज़ोलम
- 104.15 किलोग्राम अर्ध-तैयार अल्प्राज़ोलम
- 431 किलोग्राम कच्चा रासायनिक पदार्थ
- रिएक्टर, सेंट्रीफ्यूज, रेफ्रिजरेशन यूनिट और अन्य औद्योगिक उपकरण
प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि यहां तैयार की जा रही अल्प्राज़ोलम को तेलंगाना भेजा जाना था, जहां इसे कथित रूप से ताड़ी में मिलाकर इस्तेमाल किया जाता है।
गौरतलब है कि इससे पहले अगस्त में आंध्र प्रदेश के अच्युतपुरम में भी डीआरआई ने इसी तरह की एक फैक्ट्री पकड़ी थी, जहां 119 किलो से अधिक अल्प्राज़ोलम जब्त की गई थी। वह खेप भी तेलंगाना भेजी जानी थी।
डीआरआई ने बताया कि वर्ष 2025 में अब तक चार अवैध ड्रग निर्माण इकाइयों का पर्दाफाश किया जा चुका है, जो खुफिया और तकनीकी निगरानी आधारित ऑपरेशनों का परिणाम हैं।
विभाग ने कहा कि यह कार्रवाई नशा मुक्त भारत अभियान को सशक्त बनाती है और समाज को मादक द्रव्यों की बुराई से बचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
डीआरआई का स्पष्ट संदेश —
“भारत को मादक पदार्थों से मुक्त करने तक हमारी कार्रवाई जारी रहेगी।”









