छत्तीसगढ़ सरकार की बड़ी कार्रवाई, अवैध मुआवजा वितरण का आरोप
छत्तीसगढ़ सरकार ने भारत माला परियोजना में अनियमितताओं के आरोप में जगदलपुर नगर निगम आयुक्त निर्भय कुमार साहू को निलंबित कर दिया है। उन पर रायपुर-विशाखापट्टनम हाईवे कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण में अवैध रूप से मुआवजा वितरण करने और सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप है। विभागीय जांच में अनियमितताओं की पुष्टि होने के बाद यह कार्रवाई की गई।

जांच में खुलासा: कुछ जमीन मालिकों को पहुंचाया फायदा
निर्भय कुमार साहू पहले रायपुर में एसडीएम (सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट) के पद पर तैनात थे। इस दौरान उन्होंने कुछ विशेष जमीन मालिकों को लाभ पहुंचाने के लिए गड़बड़ी कर मुआवजा वितरण किया, जिससे सरकार को भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा।
जिला स्तरीय समिति की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई
इस मामले की जांच के लिए गठित जिला स्तरीय समिति ने अपनी रिपोर्ट में पुष्टि की कि साहू के कार्यकाल में मुआवजा वितरण में गंभीर अनियमितताएं हुईं। छत्तीसगढ़ के अवर सचिव क्लेमेन्टीना लकड़ा ने उनके निलंबन का आदेश जारी किया है।
600 करोड़ की गड़बड़ी, तहसीलदार और पटवारी भी संदेह के घेरे में
इस घोटाले को लेकर पूर्व कृषि मंत्री चंद्रशेखर साहू और भाजपा किसान मोर्चा के नेता गौरीशंकर श्रीवास ने शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि अभनपुर इलाके में जमीन अधिग्रहण के दौरान रिकॉर्ड में हेराफेरी कर मुआवजा राशि को 18 गुना तक बढ़ा दिया गया।
श्रीवास के मुताबिक, इस मामले में तहसीलदार, पटवारी, एसडीएम और एक जमीन कारोबारी मनजीत खनूजा की मिलीभगत थी। उन्होंने दावा किया कि इस घोटाले की कुल रकम 600 करोड़ रुपये तक हो सकती है।
1 करोड़ के बजाय दिए गए 18 करोड़, रिकॉर्ड में हेराफेरी का आरोप
पूर्व कृषि मंत्री चंद्रशेखर साहू ने बताया कि अभनपुर के एक किसान को नियमानुसार 1 करोड़ रुपये का मुआवजा मिलना था, लेकिन रिकॉर्ड में हेराफेरी कर उसे 18 करोड़ रुपये दिए गए।
छत्तीसगढ़ सरकार ने इस घोटाले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं, जिससे अन्य दोषियों की भी पहचान की जा सके।








