मातृभाषा का महोत्सव: साहित्य, संगीत और संवेदना से सजी छत्तीसगढ़ बांगला अकादमी की ऐतिहासिक 238वीं साहित्य सभा 

Spread the love

 

मातृभाषा का महोत्सव: साहित्य, संगीत और संवेदना से सजी छत्तीसगढ़ बांगला अकादमी की ऐतिहासिक 238वीं साहित्य सभा

 

बिलासपुर/ 25/02/2026

छत्तीसगढ़ बांगला अकादमी, बिलासपुर ने 21 फरवरी को अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर टिकरापारा स्थित बंग भवन में अपनी 238वीं मासिक साहित्य सभा अत्यंत गरिमा, उत्साह और भावपूर्ण वातावरण में आयोजित की। कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थागत गीत “आभार भाषा तोमार भाषा” से हुआ, जिसने उपस्थित जनों को मातृभाषा के प्रति गर्व और आत्मीयता से अभिभूत कर दिया।
अध्यक्ष श्रीमती नमिता घोष ने अपने प्रेरक उद्बोधन में मां, मातृभूमि और मातृभाषा को जीवन का आधार बताते हुए भाषा संरक्षण को सांस्कृतिक अस्मिता से जोड़ा। मुख्य वक्ताओं डॉ. गोपाल चंद्र मुखर्जी, डॉ. सोमा लाहिड़ी मल्लिक एवं श्री अजय कुमार गांगुली ने बांगला भाषा की अंतर्राष्ट्रीय पहचान, उसके ऐतिहासिक महत्व और संरक्षण की आवश्यकता पर सारगर्भित विचार रखे।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्री पल्लव धर (प्रदेश अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ बंगाली समाज एवं प्रदेश प्रवक्ता, भा.ज.पा. जनकल्याण मंच) ने अपनी शुभकामनाएँ व्यक्त कीं। संगठन के सक्रिय सदस्य स्व. अमित चक्रवर्ती के आकस्मिक निधन पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। श्रीमती रीता कर्मकार को विदाई अवसर पर “स्व. रामजीवन मुखर्जी सम्मान” से सम्मानित किया गया।

निहार रंजन मल्लिक के निर्देशन में मातृभाषा आधारित समूह संगीत प्रस्तुत किया गया, जिसमें मौमिता मुखर्जी, मल्लिका सरकार, अनिता गोलदार, स्वागता चौधरी, रेबा चौधरी, डॉ. सोमा लाहिड़ी मल्लिक, मोनिका घोष, गोपा दासगुप्त, प्रतिमा पाल, मौसमी सौरभ चक्रवर्ती, असित बरन उमा दास, देवाशीष सरकार, निहार रंजन मल्लिक, अचिन्त्य कुमार बोस एवं प्रबाल मुखर्जी ने गायन प्रस्तुत किया।

एकल संगीत प्रस्तुतियों में शुभ्रांशु शेखर घोष, अचिन्त्य कुमार बोस, दुलाल मंडल, स्वागता चौधरी एवं महुआ नंदी ने अपने सुमधुर गीतों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। कविता पाठ रुपा राहा एवं आयुष प्रामाणिक द्वारा किया गया।

असित बरन दास द्वारा लिखित एवं निर्देशित नाटक “मानुष ओ भाषा” का मंचन किया गया, जिसमें असित बरन दास, देवाशीष सरकार, पार्थ सारथी बोस, प्रबाल मुखर्जी, रीता कर्मकार, मौमिता चक्रवर्ती एवं प्रतिमा पाल ने अभिनय किया। तबला संगत जय डे ने दी।

कार्यक्रम में स्व. अमित चक्रवर्ती को श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा श्रीमती रीता कर्मकार को “स्व. रामजीवन मुखर्जी सम्मान” से सम्मानित किया गया। समूह एवं एकल संगीत, कविता पाठ और असित बरन दास द्वारा लिखित-निर्देशित नाटक “मानुष ओ भाषा” ने समारोह को भावनात्मक ऊँचाई प्रदान की।
सचिव राजा दासगुप्त के कुशल संचालन में सम्पन्न इस आयोजन ने एक बार फिर सिद्ध किया कि छत्तीसगढ़ बांगला अकादमी मातृभाषा, साहित्य और संस्कृति के संरक्षण हेतु सतत समर्पित एक सशक्त मंच है।
  • Related Posts

    बिलासपुर में बड़ा सड़क हादसा: बाइक सवार को बचाने के प्रयास में पुल की रेलिंग से टकराई कार, AAP प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक मिश्रा घायल

    Spread the love

    Spread the love    बिलासपुर। स्वराज जयसवाल की विशेष रिपोर्ट।         बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में मंगलवार सुबह राष्ट्रीय राजमार्ग-49 पर हुए भीषण सड़क हादसे में…

    बिलासपुर: शराब दुकान में नकाबपोश बदमाशों का धावा, गार्ड को चाकू मारकर किया घायल, CCTV DVR और शराब लूटकर फरार

    Spread the love

    Spread the love    बिलासपुर। स्वराज जयसवाल की विशेष रिपोर्ट।         बिलासपुर। जिले के मस्तूरी थाना क्षेत्र अंतर्गत गतोरा स्थित कंपोजिट शराब दुकान में सोमवार तड़के करीब…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    error: Content is protected !!