छत्तीसगढ़/बिलासपुर स्वराज जयसवाल की विशेष रिपोर्ट
वर्दी में रील बनाना पड़ा भारी: बिलासपुर के आरक्षक देवानंद कैवर्त लाइन अटैच, पुलिस विभाग का सख्त एक्शन बना चर्चा का विषय
छत्तीसगढ़/बिलासपुर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मस्तूरी थाना में पदस्थ आरक्षक देवानंद कैवर्त (आरक्षक क्रमांक 1372) को पुलिस वर्दी में रील बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट करना महंगा पड़ गया। इस कृत्य को विभागीय नियमों के खिलाफ मानते हुए पुलिस प्रशासन ने तत्काल सख्त कार्रवाई की।

मिली जानकारी के अनुसार, आरक्षक देवव्रत कंवर ने ड्यूटी के दौरान या वर्दी में रहते हुए एक वीडियो (रील) बनाकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया था। जैसे ही यह मामला सामने आया, पुलिस विभाग ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए तुरंत संज्ञान लिया।

पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया कि इस प्रकार की गतिविधियां पुलिस विभाग की छवि को धूमिल करती हैं और आचरण नियमों का उल्लंघन हैं। इसके बाद बिना देरी किए आरक्षक देवव्रत कंवर को तत्काल प्रभाव से रक्षित केंद्र, बिलासपुर (लाइन अटैच) कर दिया गया।
विभाग ने अपने आदेश में यह भी दोहराया कि पुलिसकर्मियों को अपनी वर्दी की गरिमा, अनुशासन और जिम्मेदारी का विशेष ध्यान रखना चाहिए। सोशल मीडिया का उपयोग करते समय निर्धारित नियमों और आचार संहिता का पालन करना अनिवार्य है।
इस कार्रवाई को पुलिस विभाग की ओर से एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी यदि कोई कर्मचारी वर्दी में या ड्यूटी के दौरान इस प्रकार की गैर-जिम्मेदाराना गतिविधि करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
आज के डिजिटल दौर में जहां सोशल मीडिया तेजी से प्रभावी माध्यम बन चुका है, वहीं इस घटना ने यह साफ कर दिया है कि सरकारी सेवा में कार्यरत कर्मचारियों के लिए अनुशासन सर्वोपरि है। वर्दी की गरिमा से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
यह मामला अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और सोशल मीडिया पर लोग इस कार्रवाई को लेकर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।








