3 मार्च 2026: फाल्गुन पूर्णिमा के दिन खग्रास (पूर्ण) चंद्र ग्रहण लग रहा है। आइए जानते हैं भारत में इसका समय, कहाँ-कहाँ दिखेगा और किन राशियों को सावधान रहना चाहिए।
ग्रहण का समय (भारतीय समयानुसार)
स्पर्श (शुरुआत): दोपहर 3:20 बजे
मध्य (अधिकतम): शाम 5:04 बजे
स्पष्ट रूप से दिखना: लगभग 6:33 बजे
मोक्ष (समाप्ति): शाम 6:47 बजे
कुल अवधि: लगभग 3 घंटे 27 मिनट
सूतक ग्रहण से 9 घंटे पहले शुरू होता है
इस ग्रहण का सूतक सुबह 6:20 बजे से आरंभ होगा
सूतक काल में क्या न करें?
हंसी-मजाक, टीवी देखना, सोना
भोजन करना
देवी-देवताओं की मूर्ति को स्पर्श
अनावश्यक यात्रा, वाद-विवाद
यथासंभव मौन रहकर आवश्यक कार्य करें।
बालक, वृद्ध और रोगियों पर ये नियम लागू नहीं होते।
भोजन, दूध और जल में तुलसी पत्ता या कुश डालकर रखें।
भारत में कहाँ-कहाँ दिखेगा चंद्र ग्रहण?
यह पूर्ण चंद्रग्रहण होगा, इसलिए चंद्रमा लाल रंग (ब्लड मून) में दिखाई देगा।
प्रमुख स्थान:
उत्तर-पूर्व भारत – असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, पश्चिम बंगाल में स्पष्ट दृश्य
चेन्नई – लगभग 31 मिनट तक पूर्ण चंद्रग्रहण
कटक (ओडिशा) – अधिक समय तक दृश्य
कोलकाता – लगभग 90% ग्रहण दिखाई देगा
दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई – लगभग 6:20 से 6:30 बजे के बीच दृश्य
किन देशों में दिखेगा?
अमेरिका
ऑस्ट्रेलिया
एशिया के कई भाग
किस राशि के लोगों को ग्रहण नहीं देखना चाहिए?
यह ग्रहण मघा नक्षत्र और सिंह राशि पर लग रहा है।
मघा नक्षत्र और सिंह राशि में जन्मे जातकों को ग्रहण नहीं देखने की सलाह दी जाती है।
पूर्णिमा तिथि
प्रारंभ: 2 मार्च शाम 5:57 बजे
समाप्त: 3 मार्च शाम 5:08 बजे
धार्मिक मान्यता
ग्रहण के स्पर्श, मध्य और मोक्ष के समय स्नान का विशेष महत्व है।
ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान, दान और पूजा करना शुभ माना जाता है।
3 मार्च 2026 का यह खग्रास चंद्र ग्रहण ज्योतिष और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। विशेषकर सिंह राशि और मघा नक्षत्र वालों को सावधानी बरतनी चाहिए। भारत के कई हिस्सों में यह ग्रहण सूर्यास्त के समय दिखाई देगा, जब चंद्रमा लाल रंग में नजर आएगा।









