छत्तीसगढ़/बिलासपुर
संगीत, नृत्य, कविता और नाटक की रंगारंग प्रस्तुतियों ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध, समाज के सभी सदस्यों की सक्रिय भागीदारी
बिलासपुर 18 अप्रैल 2026 बंगाली समाज द्वारा बंगाली नववर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित “वर्षो वरन उत्सव” विनोबा नगर स्थित बंगाली समाज मंच (एल–2/एल–3) में अत्यंत हर्षोल्लास और सांस्कृतिक गरिमा के साथ सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित दर्शकों और प्रतिभागियों ने इसे एक जीवंत और यादगार सांस्कृतिक आयोजन बना दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ समाज के अध्यक्ष देबाशीष नंदी के प्रेरणादायक संबोधन से हुआ। उन्होंने बंगाली नववर्ष के महत्व पर प्रकाश डालते हुए समाज में एकता, परंपरा और सांस्कृतिक मूल्यों को आगे बढ़ाने का संदेश दिया।

इसके पश्चात समूह गीत की मनमोहक प्रस्तुति ने कार्यक्रम को ऊंचाई दी। इस प्रस्तुति में
मौसुमी चक्रवर्ती, रेखा दास, स्वस्तिका बिस्वास, सीमा सेनगुप्ता, सौरभ चक्रवर्ती, मौमिता चक्रवर्ती, अपराजिता चौधरी, अपर्णा घोष, जयश्री भट्टाचार्य, स्वागता सुर, स्वागता चौधरी, श्राबणी दत्ता, तुहीन चटर्जी, शुभांशु शेखर घोष, देबाशीष नंदी, राजा दासगुप्ता एवं गोपा दासगुप्ता
ने अपनी मधुर आवाज से दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
इसके बाद एकल गायन की श्रृंखला में
सूक्ति विश्वास, डॉ. सुदीप्तो दत्ता (सैक्सोफोन), शुभांशु शेखर घोष, मौसुमी चक्रवर्ती, सौरभ चक्रवर्ती, स्वागता चौधरी, श्राबणी दत्ता, तुहिन चटर्जी और नन्ही कलाकार अर्मिमा पाल
ने शानदार प्रस्तुतियां देकर कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए।
श्रुतिनाटक की प्रभावशाली प्रस्तुति डॉ. सोमनाथ मुखर्जी और इप्सिता दत्ता द्वारा दी गई, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।

नृत्य प्रस्तुतियों में
तानिमा रॉय, नीलिमा घोष, सुष्मिता घोष, सुमिता दास, मौमिता चक्रवर्ती, मौमिता पालित, पूजा परमानिक, सोनाली बनर्जी, स्वातोंना दासगुप्ता
ने अपनी कला का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। वहीं
दिलीशा नायक रॉय, तनिशा बैन, नोएल रॉय, आयुषी पालित, अंजली बनर्जी और आदृती घोष की प्रस्तुतियां भी दर्शकों के बीच खास आकर्षण रहीं। संपूर्ण नृत्य कार्यक्रम का निर्देशन गोपा दासगुप्ता ने किया, जबकि देविका दास के क्लासिकल नृत्य ने विशेष छाप छोड़ी।

कविता पाठ (Recitation) में आयुष परमानिक की प्रस्तुति भी उल्लेखनीय रही।
कार्यक्रम का कुशल संचालन राजा दासगुप्ता ने किया और अंत में सचिव बिलास कुमार दास ने धन्यवाद ज्ञापन देकर कार्यक्रम का समापन किया।
इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में
श्री अशोक बोस, कल्याण दत्ता और जीवन घोष
का विशेष सहयोग रहा।
यह आयोजन समग्र रूप से “वर्षो वरन उत्सव” बंगाली संस्कृति, परंपरा और सामुदायिक एकता का एक शानदार उदाहरण बनकर उभरा, जिसने बिलासपुर में नववर्ष के उत्साह को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।









