बागी प्रत्याशी बनने की कीमत चुकानी पड़ी, भाजपा ने 6 साल के लिए किया निष्कासित
बस्तर जिले में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दौरान अनुशासनहीनता को गंभीरता से लेते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कड़ा कदम उठाया है। पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त पाए जाने पर वनवासी मौर्य (Vanvasi Maurya) को 6 साल के लिए भाजपा से निष्कासित कर दिया गया है। यह कार्रवाई भाजपा प्रदेश महामंत्री जगदीश रामू रोहरा (Jagdish Ramu Rohra) के निर्देश पर की गई है।

पार्टी उम्मीदवार के खिलाफ लड़ना पड़ा महंगा
बस्तर जिला पंचायत चुनाव (Bastar Zila Panchayat Chunav) में वनवासी मौर्य ने भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ उपाध्यक्ष पद के लिए बागी उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल किया था। इस कदम से पार्टी को चुनावी नुकसान हुआ, जिसके बाद भाजपा ने अनुशासनहीनता को गंभीर मानते हुए उन पर निष्कासन की गाज गिरा दी।
तत्काल प्रभाव से निष्कासन, पार्टी ने दिया सख्त संदेश
भाजपा ने साफ कर दिया है कि पार्टी विरोधी गतिविधियों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रदेश नेतृत्व ने अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी सख्त चेतावनी दी है कि अनुशासन तोड़ने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
भाजपा संगठन में हलचल, आगे की रणनीति पर मंथन
वनवासी मौर्य के निष्कासन के बाद बस्तर भाजपा संगठन में हलचल तेज हो गई है। पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच इस फैसले को लेकर चर्चाएं हो रही हैं, वहीं संगठन ने स्पष्ट किया है कि अनुशासनहीनता को बिल्कुल भी सहन नहीं किया जाएगा।








