बस्तर | छत्तीसगढ़ और तेलंगाना की सीमा पर सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा अभियान शुरू किया है। इस एंटी-नक्सल ऑपरेशन (CG Naxal Encounter) में अब तक 5 नक्सलियों के शव बरामद किए गए हैं, जबकि 150 से ज्यादा माओवादी घिर चुके हैं।
सूत्रों के अनुसार, घेरे में आए नक्सलियों में कई टॉप कमांडर—Hidma, Deva और Damodar—के भी शामिल होने की आशंका है। सुरक्षा एजेंसियां इसे बस्तर क्षेत्र में अब तक का सबसे सटीक और योजनाबद्ध अभियान मान रही हैं।
ऑपरेशन की रणनीति: 5000 जवानों की तैनाती, तीन राज्यों की संयुक्त कार्रवाई
यह संयुक्त अभियान Chhattisgarh, Telangana और Maharashtra Border पर संचालित हो रहा है। कुल 5000 से अधिक सुरक्षाबलों को तैनात किया गया है। तेलंगाना के चेरला इलाके को पुलिस ने लॉन्चिंग बेस बनाया है, जहां भारी संख्या में Ambulance, MPV और Military Vehicles की तैनाती की गई है।
रसद और हथियारों की पुख्ता व्यवस्था
सुरक्षा बलों ने जवानों के लिए ration, hathiyar aur gola-barood की आपूर्ति की पुख्ता व्यवस्था की है। पहाड़ी और दुर्गम इलाकों तक पहुंचने के लिए जवान लगातार कठिनाई झेलते हुए आगे बढ़ रहे हैं।
ऑपरेशन में ड्रोन, सैटेलाइट निगरानी और इंटेलिजेंस इनपुट्स का भी इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे रणनीति और भी प्रभावशाली बनी है।
सफलता की उम्मीद: दर्जनों नक्सलियों के मारे जाने की आशंका
अगर यह अभियान पूर्ण रूप से सफल रहा, तो दर्जनों माओवादी मारे जा सकते हैं। यह नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में सुरक्षाबलों की एक बड़ी उपलब्धि साबित हो सकती है। फिलहाल पूरा इलाका जवानों के नियंत्रण में है और ऑपरेशन लगातार जारी है।









