भारत द्वारा पहलगाम आतंकी हमले का माकूल जवाब देते हुए किए गए ऑपरेशन सिंदूर के बाद अब कश्मीर घाटी में हालात तेजी से सामान्य हो रहे हैं। इस सटीक और निर्णायक सैन्य कार्रवाई में भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और POK में आतंकियों के अड्डों को पूरी तरह तबाह कर दिया है। साथ ही पाकिस्तान के 11 एयरबेस भी भारी नुकसान की चपेट में आ चुके हैं। पाकिस्तान के अनुरोध पर अब भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम (सीजफायर) लागू कर दिया गया है, जिससे घाटी में शांति की बहाली शुरू हो गई है।
कश्मीर में फिर गूंजने लगी बच्चों की हंसी
युद्ध के बाद अब घाटी के अधिकांश इलाकों में सामान्य जनजीवन लौट आया है। बांदीपुरा, कुपवाड़ा और बारामुल्ला जैसे सीमावर्ती जिलों के कुछ संवेदनशील क्षेत्रों को छोड़कर बाकी सभी जगह स्कूल दोबारा खुल गए हैं। श्रीनगर के स्कूलों में बच्चों की चहल-पहल नजर आई, जहां छात्र-छात्राएं मुस्कुराते चेहरों के साथ पढ़ाई के लिए लौटे। कई बच्चों ने कहा कि उन्हें अब शांति चाहिए ताकि पढ़ाई में कोई रुकावट न आए।
सीजफायर के बाद हालात पूरी तरह नियंत्रण में
भारतीय सेना ने पुष्टि की है कि नियंत्रण रेखा और घाटी के अन्य हिस्सों से किसी प्रकार की गोलीबारी या ड्रोन गतिविधि की कोई सूचना नहीं है। अधिकारियों के अनुसार, यह बीते दिनों की तुलना में पहली रात थी जो पूरी तरह शांतिपूर्ण रही।
व्यवसाय, हवाई और रेल सेवाएं फिर से शुरू
सिर्फ स्कूल ही नहीं, घाटी के बाजार, कार्यालय, परिवहन सेवा और अन्य व्यवसाय भी सामान्य रूप से संचालित हो रहे हैं। हवाई अड्डों और रेलवे स्टेशनों पर गतिविधियां दोबारा तेज हो गई हैं।
कश्मीर में अब न केवल युद्ध के बादल छंट चुके हैं, बल्कि लोगों के दिलों से भी डर कम हो रहा है। ऑपरेशन सिंदूर ने यह संदेश स्पष्ट कर दिया है कि भारत अपनी संप्रभुता पर किसी भी प्रकार का हमला सहन नहीं करेगा, और हर कीमत पर जवाब देने में सक्षम है। वहीं, अब जब हालात सामान्य हो रहे हैं, तो घाटी एक बार फिर अमन और तरक्की की राह पर लौटती दिखाई दे रही है।










