छत्तीसगढ़ के सीतागांव में ITBP ने शुरू किया पहला निशुल्क फील्ड पशु अस्पताल, 12,000 से ज्यादा पशुओं को मिलेगा इलाज

Spread the love

नक्सल प्रभावित इलाके में ITBP की नई पहल, अब 20 गांवों के ग्रामीणों को मिलेगा पशु उपचार का लाभ


सीतागांव में ITBP का मानवता से जुड़ा ऐतिहासिक कदम

छत्तीसगढ़ के नक्सल हिंसा प्रभावित मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिला अब विकास की नई दिशा में कदम बढ़ा चुका है। भारत तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) ने पहली बार इस क्षेत्र के सीतागांव गांव में एक निशुल्क फील्ड पशु अस्पताल की स्थापना की है।


ग्रामीणों की आजीविका को मिलेगा संबल

यह अस्पताल सीतागांव में खोला गया है, जो महाराष्ट्र सीमा से लगा हुआ है और रायपुर से लगभग 150 किलोमीटर दूर स्थित है। यह इलाका लंबे समय से विकास से वंचित रहा है, लेकिन अब यहां ग्रामीणों के पशुओं को इलाज की सुविधा मिलने से आजीविका को मजबूती मिलेगी।


कमांडिंग ऑफिसर ने किया उद्घाटन, ग्रामीणों में दिखा उत्साह

इस अस्पताल का उद्घाटन ITBP की 27वीं बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर विवेक कुमार पांडे ने किया। इसके तुरंत बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण अपने गाय, बकरी, मुर्गी और कुत्तों को इलाज के लिए लाने लगे।


20 गांवों के 12,000 से ज्यादा पशुओं को मिलेगा लाभ

ITBP अधिकारियों ने बताया कि यह फील्ड अस्पताल सीतागांव के आसपास के 20 गांवों के करीब 12,000 पशुओं को मुफ्त इलाज प्रदान करेगा। इन पशुओं में 5,490 मुर्गियां, 3,550 बकरियां, 1,855 गाय व बैल, 815 सूअर और 640 कुत्ते शामिल हैं।


सरकारी सर्वे के बाद उठाया गया कदम

फील्ड पशु अस्पताल की स्थापना एक सरकारी सर्वे के आधार पर की गई, जिसमें सामने आया कि क्षेत्र में पशुओं के इलाज के लिए कोई चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं थी। इससे कई पशुओं की समय पर इलाज के अभाव में मृत्यु हो जाती थी।


सुरक्षा के साथ सेवा: ITBP की नई भूमिका

नक्सल विरोधी अभियानों में अग्रणी ITBP अब क्षेत्र के सामाजिक विकास में भी योगदान दे रही है। ITBP के पशु चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ नियमित रूप से पशुओं की जांच और मुफ्त इलाज उपलब्ध कराएंगे।


मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने की पहल की सराहना

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने 16 मई को सीतागांव स्थित ITBP शिविर का दौरा किया। जवानों से बातचीत करते हुए उन्होंने इस पहल को मानवता से जुड़ा और प्रेरणादायक कदम बताया।


निष्कर्ष: विकास और संवेदना का संगम

सीतागांव में फील्ड पशु अस्पताल की शुरुआत न केवल ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगी, बल्कि यह ITBP की सेवा भावना और सुरक्षा के साथ संवेदना की भूमिका को भी दर्शाती है। यह पहल राज्य में एक सकारात्मक बदलाव की शुरुआत है।

 

Related Posts

मैनपाट के जंगल में भालू का हमला: खुखड़ी बीनने गई महिला गंभीर घायल, मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर रेफर

Spread the love

Spread the love    सरगुजा/मैनपाट। विशेष रिपोर्ट।       सरगुजा/मैनपाट। 4 अगस्त 2026 आज जिले के मैनपाट क्षेत्र से एक चिंताजनक घटना सामने आई है। सरभंजा ग्राम के डुमरगोड़ा…

करोड़ों रुपए के गबन के मामले में हाईकोर्ट ने दिया चालान पेश करने का आदेश

Spread the love

Spread the love    सरगुजा/अंबिकापुर। विशेष रिपोर्ट        चीफ इंजीनियर, सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर छत्तीसगढ़ स्टेट पावर लिमिटेड अंबिकापुर एवं ठेकेदार प्रभोजत सिंह भल्ला के विरुद्ध कोतवालीअंबिकापुर में दर्ज है…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!