देशभर के मुख्यमंत्री, उपराज्यपाल और प्रशासक होंगे शामिल, 2047 तक विकसित राष्ट्र का रोडमैप होगा केंद्र में
प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में आज नीति आयोग की ऐतिहासिक बैठक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को नीति आयोग की 10वीं गवर्निंग काउंसिल बैठक की अध्यक्षता करेंगे। यह अहम बैठक राजधानी दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित की जा रही है, जिसमें सभी राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्रशासित प्रदेशों के उपराज्यपाल और प्रशासक हिस्सा लेंगे।
‘विकसित भारत के लिए विकसित राज्य’—बैठक की केंद्रीय थीम
बैठक की मुख्य थीम ‘विकसित भारत के लिए विकसित राज्य’ तय की गई है। इसमें यह विचार किया जाएगा कि राज्यों की सशक्त भूमिका के बिना विकसित भारत का सपना अधूरा रहेगा। प्रधानमंत्री मोदी इस बात पर बल देंगे कि राज्यों की प्रगति ही 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में सबसे मजबूत कड़ी है।
सभी राज्यों के मुख्यमंत्री करेंगे साझा दृष्टिकोण पर विचार
इस उच्च-स्तरीय बैठक में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित देशभर के मुख्यमंत्री भाग लेंगे। यह ऑपरेशन सिंधूर के बाद प्रधानमंत्री की सभी मुख्यमंत्रियों के साथ पहली व्यापक बैठक मानी जा रही है।
‘विकसित भारत 2047’ पर गहन मंथन की तैयारी
बैठक में इस बात पर विचार होगा कि आने वाले 22 वर्षों में भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों को किस प्रकार का साझा रोडमैप तैयार करना चाहिए। वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के अनुसार, इस योजना को धरातल पर उतारने के लिए नीति आयोग ने विशेष रणनीति तैयार की है, जिस पर विमर्श किया जाएगा।
रोजगार, कौशल विकास और जनसांख्यिकीय लाभ—अहम विषयों पर होगी चर्चा
बैठक में ‘उद्यमिता, रोजगार और कौशल विकास को बढ़ावा देना—जनसांख्यिकीय लाभ का उपयोग’ विषय पर भी विशेष चर्चा होगी। भारत की विशाल जनसंख्या को अवसर में कैसे बदला जाए, यह चर्चा का एक प्रमुख बिंदु रहेगा। रोजगार के नए अवसरों और युवाओं के कौशल विकास के लिए केंद्र और राज्यों की संयुक्त भागीदारी को बल मिलेगा।
निष्कर्ष: राष्ट्रीय विकास में राज्यों की निर्णायक भूमिका
बैठक का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि केंद्र और राज्य मिलकर ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक मजबूत और समन्वित रणनीति अपनाएं। नीति आयोग इस बैठक के माध्यम से राज्यों की जिम्मेदारी, भागीदारी और नवाचारों को नई दिशा देना चाहता है, ताकि भारत न सिर्फ आर्थिक रूप से, बल्कि सामाजिक और तकनीकी दृष्टि से भी वैश्विक मंच पर अग्रणी बन सके।









