अवैध रेत खनन का विरोध कर रहे ग्रामीणों पर माफियाओं की फायरिंग, जेसीबी-हाइवा मालिक की गिरफ्तारी से खुला रैकेट का बड़ा राज
तीसरे आरोपी की गिरफ्तारी, अवैध रेत खनन का खुला काला सच
राजनांदगांव जिले के मोहड़ गांव में हुए अवैध रेत खनन और गोलीकांड के मामले में पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए शुक्रवार को जेसीबी और हाईवा वाहन के मालिक अभिनव तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में उसने कबूल किया कि वह खनन की पूरी गतिविधि से अवगत था और सक्रिय रूप से उसमें शामिल था।
पहले ही दो आरोपी जा चुके हैं जेल, BNS व Arms Act की धाराएं लगाई गईं
इससे पहले जेसीबी चालक भगवती निषाद और संजय रजक को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। तीनों आरोपियों के खिलाफ बसंतपुर थाना में भारतीय न्याय संहिता (BNS), आर्म्स एक्ट और माइनिंग एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।

विरोध करने पहुंचे ग्रामीणों पर चली थी गोली, तीन लोग घायल
यह घटना 11 जून की शाम लगभग 7:30 बजे हुई, जब मोहड़ गांव के पास नदी किनारे अवैध रेत खनन का ग्रामीणों ने विरोध किया। इस पर माफियाओं ने गोलीबारी कर दी। फायरिंग में रोशन मंडावी गंभीर रूप से घायल हुआ, जबकि जितेंद्र साहू और ओमप्रकाश साहू को भी चोटें आईं। मौके से तीन खाली कारतूस, एक बुलेट का अगला हिस्सा और जेसीबी व हाईवा वाहन जब्त किया गया।
वायरल वीडियो से खुली टीआई की भूमिका, तत्काल सस्पेंड
घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें सोमनी थाना प्रभारी सत्यनारायण देवांगन घटना स्थल पर मौजूद नजर आ रहे हैं, लेकिन कोई सख्त कार्रवाई करते नहीं दिखे। एसपी के निर्देश पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उनकी भूमिका की भी अब जांच की जा रही है।
पुलिस की आगे की कार्रवाई तेज, जल्द गिर सकते हैं और भी बड़े चेहरे
पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि रेत खनन के इस नेटवर्क में कुछ रसूखदार लोग भी शामिल हो सकते हैं, जिन पर जल्द ही कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मोहड़ गांव में हुए इस गोलीकांड ने छत्तीसगढ़ में अवैध रेत खनन के गहरे और खतरनाक नेटवर्क को उजागर कर दिया है। अब देखना यह होगा कि पुलिस इस मामले को कितनी पारदर्शिता और सख्ती से अंजाम तक पहुंचाती है।










