कोरबा – राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं मध्यस्थता एवं सुलह परियोजना समिति के संयुक्त तत्वावधान में “राष्ट्र के लिए मध्यस्थता” विशेष अभियान के अंतर्गत जिला न्यायालय कोरबा में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक प्रातः 10:30 बजे जिला न्यायालय परिसर के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष में संपन्न हुई, जिसकी अध्यक्षता प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा के अध्यक्ष श्री एस. शर्मा ने की।
बैठक में समस्त न्यायाधीशगण एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव की उपस्थिति रही। इस दौरान श्री शर्मा ने मध्यस्थता की उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि मध्यस्थता एक सहज, त्वरित व विश्वासपूर्ण विवाद समाधान प्रक्रिया है, जिससे लंबित मामलों की संख्या में प्रभावी रूप से कमी लाई जा सकती है।
उन्होंने बताया कि मध्यस्थता के लिए चिन्हित किए जा सकने वाले प्रकरणों में वैवाहिक विवाद, दुर्घटना दावे, घरेलु हिंसा, चेक बाउंस, वाणिज्यिक विवाद, सेवा संबंधी विवाद, आपराधिक समझौता योग्य मामले, उपभोक्ता मामले, ऋण वसूली, विभाजन व बेदखली तथा भूमि अधिग्रहण से जुड़े प्रकरण शामिल हैं।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि मध्यस्थता केंद्रों की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा तथा अधिक से अधिक प्रकरणों को चिन्हित कर मध्यस्थता हेतु रेफर किया जाएगा। साथ ही, आमजन को इस अभियान की जानकारी देने हेतु व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश भी दिए गए।








