कोरबा/पाली : ब्लॉक मुख्यालय पाली स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा तो बड़ा है, लेकिन सुविधाएं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जैसी भी नहीं। राज्य शासन के 24 घंटे स्वास्थ्य सेवा देने के निर्देशों के बावजूद अस्पताल में अव्यवस्था हावी है। डॉक्टरों की ड्यूटी में लापरवाही और मनमानी के कारण मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा है, जिससे लोगों का भरोसा इस अस्पताल से उठता जा रहा है।
बरसाती मौसम में जलजनित बीमारियां, दस्त, उल्टी और दुर्घटनाओं के मामलों में वृद्धि के बावजूद अस्पताल में डॉक्टरों की अनुपस्थिति बनी रहती है। ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक न तो समय पर पहुंचते हैं, न ही लगातार उपलब्ध रहते हैं। नतीजतन, भर्ती मरीजों का उपचार नर्सों के भरोसे हो रहा है, जो अक्सर नए मरीजों को डॉक्टर के आने का इंतजार करने की सलाह देकर पल्ला झाड़ लेती हैं।
इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कई मरीज इलाज के अभाव में निजी अस्पताल जाने का मन बना लेते हैं, लेकिन रेफर करने के लिए भी डॉक्टर उपलब्ध नहीं होते। गरीब मरीज मजबूरी में झोलाछाप डॉक्टरों की शरण में जाने को विवश हैं।
लोगों का कहना है कि पाली का यह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अब “रेफर सेंटर” बनकर रह गया है, जहां इलाज कम और मरीजों को बाहर भेजना ज्यादा होता है। स्थिति पर न जिला प्रशासन ध्यान दे रहा है, न संबंधित अधिकारी और न ही जनप्रतिनिधि। डॉक्टरों का यह रवैया अस्पताल की साख पर भारी पड़ रहा है।










