कोरबा/कटघोरा: जिले की जनपद पंचायत कटघोरा अंतर्गत ग्राम पंचायत मोहनपुर में भारी भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। आरोप है कि बीते पंचवर्षीय कार्यकाल के दौरान तत्कालीन सरपंच सावित्री बाई (वर्तमान सरपंच जागेश्वर सिंह की पत्नी) और पंचायत सचिव रहीम अली ने मिलीभगत कर पंचायत विकास की राशि में लाखों का गबन किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए जनपद सीईओ यशपाल सिंह ने जांच समिति गठित कर दी है।
जांच टीम को प्रभावित करने की कोशिश!
ग्राम पंचायत में फैले भ्रष्टाचार की जांच के लिए गठित टीम को लेकर सरपंच और सचिव कथित तौर पर यह कहते घूम रहे हैं कि “जो भी अधिकारी जांच के लिए आएगा, उसे लालच देकर अपने पक्ष में कर लेंगे और सभी गड़बड़ियों को सही ठहरवा देंगे।”
भ्रष्टाचार के आरोप – लाखों की राशि का वारा-न्यारा
खबरों और शिकायतों के आधार पर पंचायत में की गई गड़बड़ियों की सूची चौंकाने वाली है—
- रायपुर सम्मेलन, शिविर व नाश्ता-भोजन मद में ₹1.37 लाख का दुरुपयोग।
- पंचायत भवन के लिए कुर्सी, टेबल, आलमारी खरीदी के नाम पर 14वें वित्त से ₹1.91 लाख की हेराफेरी।
- मंच, नाली, सीसी रोड का निर्माण किए बिना ही 15वें वित्त आयोग से ₹7.04 लाख की निकासी व बंदरबांट।
- शेड व पचरी निर्माण के नाम पर ₹2.41 लाख का गबन।
इसके अलावा पेयजल व्यवस्था, बोर खनन, हैंडपंप, सबमर्सिबल, पाइपलाइन और टंकी (सिन्टेक्स) जैसी मदों में भी भारी गड़बड़ियों की शिकायतें हैं, जिनकी जांच आगामी चरण में होगी।
प्रशासन का रुख
जनपद सीईओ ने स्पष्ट किया है कि गठित समिति 14वें और 15वें वित्त से खर्च की गई राशि और कराए गए कार्यों का भौतिक सत्यापन करेगी। रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।
सवालों के घेरे में पंचायत
ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों का कहना है कि यह मामला वर्षों से दबा हुआ था, जिसे अब सामने लाया गया है। अब देखना होगा कि जांच समिति भ्रष्टाचार को उजागर करती है या आरोपियों को “क्लीन चिट” देने की कोशिश होती है।









