कोरबा/कटघोरा। ग्राम पंचायत मोहनपुर में बीते पंचवर्षीय कार्यकाल के दौरान सरपंच-सचिव की मिलीभगत से हुए कथित भ्रष्टाचार का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। आरोप है कि पंचायत के विकास मद से मिली राशि का दुरुपयोग कर मनमाने ढंग से खर्च दिखाए गए। इस संबंध में खबरें सामने आने के बाद जनपद सीईओ ने जांच समिति गठित की थी, लेकिन टीम अब तक गांव नहीं पहुंची, जिससे जांच ठंडे बस्ते में पड़ी हुई है।
इसी बीच विधायक प्रतिनिधि शुभम सिंह राजपूत ने कलेक्टर को पत्र लिखकर मामले की गंभीर जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंचायत में 14वें और 15वें वित्त आयोग की राशि का गबन किया गया है। विकास कार्यों के नाम पर फर्जी बिल प्रस्तुत कर राशि की बंदरबांट की गई, जो ग्रामीणों के साथ धोखा है।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि जांच प्रतिवेदन को ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड कर शिकायतकर्ता को भी जानकारी दी जाए। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सरपंच-सचिव जांच टीम को प्रभावित कर मामले को दबाने का प्रयास कर रहे थे।
वहीं, विधायक प्रतिनिधि की पहल के बाद अब सरपंच और सचिव के हाथ-पांव फूलने लगे हैं और उन्हें कार्रवाई की आशंका सताने लगी है। ग्रामीणों की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या प्रशासन की जांच टीम वाकई गांव पहुंचकर सच्चाई उजागर करेगी या फिर मामला यूं ही ठंडे बस्ते में चला जाएगा।








