रायपुर नगर निगम में 15 साल बाद बीजेपी की वापसी, मीनल चौबे बनीं महापौर

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नवनिर्वाचित महापौर और 70 पार्षदों ने ली शपथ, पूर्व महापौर ने उठाए सवाल

रायपुर। रायपुर नगर निगम में 15 वर्षों के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने सत्ता में वापसी की है। लगातार तीन कार्यकाल तक कांग्रेस के महापौर रहने के बाद इस बार नगर निगम की कमान बीजेपी की मीनल चौबे ने संभाल ली है। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी दीप्ती दुबे को 1,53,290 वोटों के बड़े अंतर से हराया। शहर के 70 वार्डों में से 60 वार्डों में बीजेपी प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस के 7 और 3 निर्दलीय प्रत्याशी विजयी हुए।

बूढ़ातालाब स्थित इंडोर स्टेडियम में सोमवार को महापौर मीनल चौबे सहित सभी 70 पार्षदों ने शपथ ग्रहण किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, रायपुर के सांसद और विधायक समेत कई प्रमुख नेता उपस्थित रहे।

नगर निगम में बीजेपी का पुनः उदय
रायपुर नगर निगम में बीते 15 वर्षों तक कांग्रेस का वर्चस्व रहा। इससे पहले किरणमयी नायक (2010-2015), प्रमोद दुबे (2015-2019) और एजाज ढेबर (2019-2024) कांग्रेस के महापौर रह चुके हैं। इस बार बीजेपी ने बहुमत हासिल करते हुए निगम पर कब्जा जमाया।

नए कार्यकाल की योजनाओं पर होगी चर्चा
शपथ ग्रहण के बाद नगर निगम की सामान्य सभा आयोजित की जाएगी, जिसमें आगामी कार्यकाल की योजनाओं और विकास कार्यों पर चर्चा होगी। महापौर मीनल चौबे इस बैठक में अपनी प्राथमिकताओं और शहर विकास की योजनाओं को साझा करेंगी।

गंगाजल शुद्धिकरण पर पूर्व महापौर एजाज ढेबर की आपत्ति
पूर्व महापौर एजाज ढेबर ने शपथ ग्रहण समारोह में गंगाजल शुद्धिकरण प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे सभी पार्षदों का अपमान बताया। उन्होंने कहा कि प्रोटोकॉल के तहत पूर्व महापौर, पूर्व सभापति और कांग्रेस पार्षदों को व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित किया जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि केवल औपचारिक निमंत्रण पत्र भेजा गया, जिससे वे कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए।

ढेबर ने मीनल चौबे को जीत की बधाई देते हुए कहा कि वे बड़े नेताओं के दबाव में फैसले ले रही हैं।

रायपुर नगर निगम में बीजेपी की यह जीत नगर विकास की नई दिशा तय करेगी। आने वाले समय में निगम की नई नीतियां और योजनाएं शहरवासियों के लिए कितनी प्रभावी साबित होंगी, यह देखने योग्य होगा।

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