बिलासपुर/देवरी खुर्द। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में रविवार को ग्राम देवरी खुर्द में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्वयंसेवक, सामाजिक कार्यकर्ता, गणमान्य नागरिक और ग्रामीणजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम में संघ के आदर्शों, संगठन की यात्रा और राष्ट्र निर्माण में योगदान पर विशेष चर्चा हुई।

🔹 एक सदी की सेवा यात्रा का उत्सव
कार्यक्रम की शुरुआत संघ गीत और राष्ट्रगान से हुई। मंच पर प्रमुख अतिथि के रूप में संघ के वरिष्ठ प्रचारक और क्षेत्रीय कार्यवाह उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि “राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पिछले सौ वर्षों से समाज में एकता, राष्ट्रभक्ति और स्वावलंबन का संदेश दे रहा है।”
वक्ताओं ने बताया कि संघ की स्थापना 1925 में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने नागपुर में की थी, और तब से यह संगठन देश की सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने में सतत कार्यरत है।
🔹 विविध कार्यक्रमों की झलक
इस अवसर पर पथ संचलन, योग प्रदर्शन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और संघ की उपलब्धियों पर प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। बच्चों और युवाओं ने देशभक्ति गीतों और नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से संघ की भावना को जीवंत किया।
कार्यक्रम में स्थानीय विद्यालयों के विद्यार्थियों, महिला मंडलों और ग्रामवासियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया।

🔹 वक्ताओं ने दिया संदेश
मुख्य वक्ताओं ने कहा कि आज जब देश आत्मनिर्भर भारत के संकल्प की ओर अग्रसर है, तब समाज के प्रत्येक वर्ग की भूमिका महत्वपूर्ण है।
संघ की प्रेरणा से हजारों स्वयंसेवक शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण, सेवा और ग्राम विकास के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने युवाओं से आवाहन किया कि वे संघ के अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रप्रेम की भावना से प्रेरणा लें और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का संकल्प करें।
🔹 श्रद्धा और उत्साह का संगम
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बाद संघ संस्थापक डॉ. हेडगेवार और द्वितीय सरसंघचालक गुरुजी गोलवलकर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई।
कार्यक्रम के अंत में प्रसाद वितरण किया गया और “भारत माता की जय” के जयघोष से पूरा परिसर गूंज उठा।
मुख्य बिंदु:
- आरएसएस के शताब्दी वर्ष पर देवरी खुर्द में हुआ आयोजन
- पथ संचलन, योग और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां
- संघ के आदर्शों और राष्ट्र निर्माण में योगदान पर चर्चा
- युवाओं से संगठन के आदर्शों को अपनाने का आह्वान









