महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी नेता जी सुभाष चंद्र बोस जी की 129 वीं जयंती पर विशेष…

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आजाद हिंद फौज के संस्थापक एवं महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर उन्हें शत्-शत नमन और आप सभी को पराक्रम दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।

भारत में स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले देशभक्तों की कमी नही रही है। परन्तु यह भी उतना ही बड़ा सच है कि नेताजी जैसा दृढ़ संकल्प,अतुलनीय साहस,उत्कृष्ठ नेतृत्व,त्याग,बलिदान और महान समर्पण भाव का राष्ट्रवादी कोई दूसरा नही हुआ।। यही वजह है कि हम और हमारी आने वाली कई पीढियां नेताजी के त्याग और बलिदान के प्रति कृतज्ञ होकर उनकी जयंती पराक्रम दिवस के रूप में मनाते रहेंगे।।

नेता जी ने स्वतंत्रता संग्राम के लिए अपना सर्वस्व बलिदान करने की प्रेरणा राष्ट्रपिता महात्‍मा गांधी से लेकर नेताजी ने कुछ अलग करने की ठान ली थी। हालांकि उनके इस निर्णय के बाद बापू और नेताजी के मध्य थोड़ी वैचारिक भिन्नता जरूर आ गई थी। परन्तु बापू को सर्वप्रथम “राष्ट्रपिता” शब्द से सम्बोधन करने वाले नेताजी ने कोहिमा की लड़ाई के पूर्व बापू से ही जीत का आशीर्वाद लिया था।

फिर उन्‍होंने सिंगापुर में दिल्‍ली चलो का नारा दिया था। कई बार जंग में उन्‍होंने अंग्रेजों को कड़ी टक्‍कर दी और उन्हें हराया भी था।

अब तक नेताजी सुभाष चन्द्र बोस जी ने न केवल अपने देश में वरन दुनिया के अन्य देशों में भी अपनी पहचान एक निडर फौजी,देशभक्‍त व्‍यक्ति और बेहतरीन नेतृत्वकर्ता के रूप में स्थापित कर ली थी। नेताजी का जन्‍म 23 जनवरी 1897 मतलब आज ही के दिन कटक में हुआ था। हालांकि उनकी मृत्यु पर से पर्दा आज तक नहीं उठ सका। उनके निधन को लेकर तरह-तरह की बातें सामने आती रही हैं।

नेताजी भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम में शामिल होने वाले अग्रणी नेताओं में से एक और सर्वश्रेष्ठ व्यक्ति रहे हैं। दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान उन्‍होंने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ने और भारत को आजादी दिलाने के मकसद से आजाद हिंद फौज का गठन किया था। उस वक्‍त उन्‍होंने नारा दिया था। तुम मुझे खून दो, मैं तुम्‍हें आजादी दूंगा।  जिसका सीधा सा अर्थ था कि देश की आजादी की लड़ाई में उस पर अपना सर्वश्व न्‍यौछावर करने वाले लोग उन्हें चाहिएं थे।।

तभी विशाल अंग्रेजी साम्राज्य से देश की आजादी छीनी जा सकती थी।। उनके इस एक नारे के बाद देश- विदेश में रह रहे हजारों भारतीय सीधे उनसे आ जुड़े थे।

“तुम मुझे खून दो मैं तुम्हे आजादी दूंगा”

पुनः भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महानायक नेताजी सुभाष चंद्र बोस जी की 129 जयंती पराक्रम दिवस पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।

आपका जीवन और बलिदान आज भी दुनिया भर के युवाओं को प्रेरणा देता है.

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