मिस्र (Egypt), जिसे प्राचीन काल में मिस्र सभ्यता के नाम से जाना जाता था, हमेशा से ही इतिहास और रहस्य प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा है। यहां की गीजा की पिरामिड श्रृंखला विश्व के सात प्राचीन अजूबों में शामिल है। दुनिया भर के लोग आज भी इन पिरामिडों को समझने की कोशिश कर रहे हैं कि कैसे हजारों साल पहले बिना आधुनिक तकनीक के इतनी विशाल इमारतें बनाई गईं। अब इसी इतिहास से जुड़ी एक नई बड़ी खोज सामने आई है।
खूफू के पिरामिड में मिला छुपा गलियारा
अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में आई नवीनतम खोज के अनुसार, गीजा में स्थित खूफू (Cheops) के महान पिरामिड के अंदर लगभग 30 मीटर लंबा एक गुप्त गलियारा मिला है। इस जानकारी की पुष्टि विश्व प्रसिद्ध मिस्रविज्ञानी डॉ. जाही हवास ने की है। उनका कहना है कि यह खोज मिस्र के इतिहास को समझने में बड़ी भूमिका निभा सकती है और इसे साल 2026 तक पूरी तरह दुनिया के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।
खूफू कौन थे?
- खुफू मिस्र के चौथे राजवंश के दूसरे फिरौन (फराओ) थे।
- उनका शासन काल 26वीं शताब्दी ईसा पूर्व माना जाता है।
- उन्होंने ही गीजा का महान पिरामिड बनवाया था।
- खुफू का पिरामिड तीनों गीजा पिरामिडों में सबसे बड़ा और सबसे पुराना है।
- यह पिरामिड उनके मकबरे (Tomb) के रूप में बनाया गया था।
गलियारा कहां जाता है?
डॉ. हवास के अनुसार—
- पिरामिड के भीतर यह गलियारा एक सीलबंद दरवाजे तक जाता है।
- अभी रोबोट और विशेष उपकरणों की मदद से उस रास्ते की सफाई व जांच की जा रही है।
- अंदाजा है कि इस दरवाजे के पीछे राजा खुफू के असली दफन कक्ष, अनुष्ठानिक वस्तुएं या प्राचीन खजाने मिल सकते हैं।
हाल के दिनों में ऐसी और भी खोजें
मिस्र में बीते कुछ महीनों में पुरातत्व विभाग ने कई और महत्वपूर्ण खोजें की हैं, जिनमें शामिल हैं—
- लगभग 3,500 साल पुराने मकबरे से राजा के नाम वाली कलाकृतियां और मिट्टी के बर्तनों के टुकड़े।
- फिरौन काल की मूर्तियां व मंदिर संरचनाएं जो वर्षों से रेत और पानी में दबी थीं।
फिरौन कौन थे?
- फिरौन मिस्र के प्राचीन शासकों की राजसी उपाधि थी।
- उन्हें राजा के साथ-साथ धार्मिक नेता माना जाता था।
- मिस्र की संस्कृति में फिरौन को धरती पर देवता का रूप समझा जाता था।
यह खोज क्यों महत्वपूर्ण है?
खूफू के पिरामिड की संरचना आज भी दुनिया के लिए एक रहस्य है। इस गलियारे की खोज:
- पिरामिड की निर्माण तकनीक को समझने में मदद करेगी।
- खुफू के वास्तविक दफन स्थल को ढूंढने की संभावना बढ़ाएगी।
- मिस्र के इतिहास और धर्म पर नई जानकारी प्रदान करेगी।









