ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी, जिसे अपरा एकादशी कहा जाता है, इस वर्ष 23 मई को मनाई जा रही है। “अपरा” का अर्थ होता है असीम—ऐसा माना जाता है कि इस एकादशी का व्रत रखने से साधकों को यश, धन और सुख-समृद्धि में अपार वृद्धि प्राप्त होती है।
तिथि और पारण समय:
एकादशी तिथि प्रारंभ: 23 मई, 01:12 AM
तिथि समाप्ति: 23 मई, 10:29 PM
पारण समय: 24 मई, सुबह 05:26 AM से 08:11 AM तक
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन श्रद्धा और भक्ति से किए गए कुछ विशेष उपाय अत्यंत फलदायी होते हैं। आइए जानते हैं तुलसी से जुड़े ऐसे ही कुछ खास उपाय, जिन्हें अपरा एकादशी की शाम के समय करने से मां लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है:
1. तुलसी पर जल अर्पित करें
यदि आप लंबे समय से आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे हैं, तो इस दिन शाम को तुलसी के पौधे में शुद्ध जल चढ़ाएं। फिर मां तुलसी की 7 बार परिक्रमा करें और एक दीपक प्रज्वलित करें। यह उपाय मां लक्ष्मी को प्रसन्न करता है और रुका हुआ धन लौटकर आता है।
2. अर्पित करें 16 श्रृंगार
दांपत्य जीवन में यदि तनाव या कलह चल रही है, तो तुलसी को 16 श्रृंगार की सामग्री जैसे बिंदी, काजल, चूड़ियां, कंघी आदि अर्पित करें। यह उपाय वैवाहिक जीवन में प्रेम, सौहार्द और अखंड सौभाग्य की प्राप्ति कराता है।
3. दीप जलाकर करें तुलसी चालीसा का पाठ
यदि करियर या व्यवसाय में कठिन परिश्रम के बावजूद सफलता नहीं मिल रही, तो तुलसी के पास 11, 21 या 51 दीपक जलाएं और ‘तुलसी चालीसा’ का पाठ करें। इससे शनि, राहु और केतु जैसे ग्रहों की बाधाएं शांत होती हैं और सफलता मिलने लगती है।
4. श्री हरि मंत्र का जाप करें
मानसिक तनाव या जीवन की उलझनों से राहत पाने के लिए तुलसी माला से “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें। यह मंत्र न केवल मानसिक शांति प्रदान करता है, बल्कि आध्यात्मिक बल भी देता है।
अपरा एकादशी पर इन सरल लेकिन प्रभावशाली उपायों को श्रद्धा से करने से जीवन में सुख-समृद्धि और शांति का संचार होता है। मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त करने के लिए यह दिन अत्यंत शुभ माना जाता है।









