पंचायत अधिनियम का उल्लंघन—महिला सरपंच पद रिक्त, पर वास्तविक नियंत्रण पुरुष सदस्यों के हाथ में; छत्तीसगढ़ सरकार से कड़े कदम की माँग।
रायपुर, 12 अगस्त 2025 — छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण की आड़ में पंचायतों में भारी भ्रामक स्थिति देखने को मिल रही है। हाल ही में कबीरधाम जिले की परसवाड़ा ग्राम पंचायत में छह महिलाएँ—जिन्हें सरपंच या पंचायत सदस्य के पद पर आरक्षित सीटों से निर्वाचित किया गया—उनके पति ही समारोह में शपथ ग्रहण करते दिखे, जिससे महिला सशक्तिकरण की सार्थकता को ही सवालिया निशान लग गया ।
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जिला प्रशासन ने इलाके के पंचायत सचिव को निलंबित कर दिया ।
देश भर में “सरपंच पति” की प्रथा को रोकने के लिए केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय ने एक समिति बनाई है, जिसने सख्त सज़ाएँ लगाने की भी सिफारिश की है, साथ ही महिलाओं को नेतृत्व सशक्त बनाने के लिए प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और पारदर्शिता बढ़ाने वाले उपाय सुझाए हैं ।
सरकार के लिए संदेश
यह घटनाएँ सिर्फ नियमों का उल्लंघन ही नहीं, बल्कि महिलाओं के अधिकारों का अपमान हैं। छत्तीसगढ़ सरकार को चाहिए कि वह:
महिला प्रतिनिधियों को वास्तविक नेतृत्व का अधिकार सुनिश्चित करे।
दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही हो, और “सरपंच पति” जैसी प्रथाओं के खिलाफ क़ानूनी दबाव बनें।
छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग को सक्रिय रूप से इस समस्या की समीक्षा और सार्वजनिक निरीक्षण करने की निर्देश दें ।








