अंबिकापुर/सरगुजा सुमर दास की विशेष रिपोर्ट
सरगुजा जिले के अंबिकापुर-सीतापुर विधानसभा क्षेत्र के नवानगर मंडल में 14 अप्रैल को भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की जयंती अत्यंत हर्षोल्लास, गरिमा और भव्यता के साथ मनाई गई। इस अवसर पर पूरा नवानगर क्षेत्र मानो एक उत्सव स्थल में परिवर्तित हो गया, जहां सामाजिक एकता, सम्मान और जागरूकता का अद्भुत संगम देखने को मिला।
कार्यक्रम का आयोजन मंडल अध्यक्ष श्री बाली चरण यादव के कुशल नेतृत्व एवं अध्यक्षता में संपन्न हुआ। अपने ओजस्वी एवं प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने डॉ. अंबेडकर के संघर्षमय जीवन, संविधान निर्माण में उनकी ऐतिहासिक भूमिका तथा सामाजिक न्याय के लिए उनके अतुलनीय योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से आह्वान किया कि वे बाबा साहब के बताए मार्ग पर चलकर समाज में समानता, शिक्षा और अधिकारों की अलख जगाएं।

इस अवसर पर विशेष रूप से उपस्थित रहीं सुश्री सुनीता पैकरा (SC मोर्चा मंडल अध्यक्ष), जिन्होंने समाज में जागरूकता और संगठन की भूमिका पर अपने विचार रखे। युवा ऊर्जा का प्रतिनिधित्व करते हुए युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष श्री निरेन्द्र सारथी ने युवाओं को बाबा साहब के आदर्शों को अपनाने और सामाजिक बदलाव में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम में श्री उदय नाथ राजवाड़े की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन की शोभा बढ़ाई, वहीं मंडल उपाध्यक्ष श्री सत्यानंद बी.सी. ने संगठन की मजबूती और सामाजिक समरसता पर जोर दिया। मंडल महामंत्री श्री भोले ओमप्रकाश ने कार्यक्रम के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया।
इस भव्य आयोजन में बड़ी संख्या में मंडल पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं ग्रामवासी उत्साहपूर्वक शामिल हुए। सभी ने एकजुट होकर डॉ. अंबेडकर जी को श्रद्धा सुमन अर्पित किए और उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।

नवानगर मंडल में आयोजित डॉ. अंबेडकर जयंती समारोह ने सामाजिक एकता, जागरूकता और प्रेरणा का एक सशक्त संदेश दिया। मंडल अध्यक्ष श्री बाली चरण यादव के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में सुनीता पैकरा, निरेन्द्र सारथी, उदय नाथ राजवाड़े, सत्यानंद बी.सी., भोले ओमप्रकाश सहित अनेक प्रमुख पदाधिकारियों एवं सैकड़ों ग्रामवासियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। यह आयोजन न केवल श्रद्धांजलि का अवसर बना, बल्कि समाज को एक नई दिशा और ऊर्जा देने वाला प्रेरणास्रोत भी सिद्ध हुआ।







