छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा–बीजापुर सीमावर्ती इलाके से एक बार फिर बड़ी नक्सल मुठभेड़ की खबर सामने आई है। बीते 24 घंटों से सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच रुक-रुककर गोलीबारी जारी है। क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल है और अतिरिक्त बलों को मौके पर तैनात कर दिया गया है।
सूत्रों के अनुसार, कार्रवाई में अब तक 6 से अधिक नक्सलियों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। ठीक एक दिन पहले इसी क्षेत्र में 12 नक्सली ढेर किए गए थे, जिनमें वेस्ट बस्तर डिवीजन का डिविजनल कमेटी मेंबर (DVCM) वेल्ला मोडियम भी शामिल था। वेल्ला कई बड़ी घटनाओं का मास्टरमाइंड माना जाता था। नक्सलियों के ठिकानों से LMG, SLR, इंसास सहित कई अत्याधुनिक हथियार मिले हैं।
जवानों ने दिया बड़ा बलिदान
बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पी. ने जानकारी दी कि मुठभेड़ में DRG के हेड कॉन्स्टेबल मोनू वडारी, हेड कॉन्स्टेबल रमेश सोड़ी और कॉन्स्टेबल दुकारू गोंडे शहीद हो गए। जवान गंगालूर थाना क्षेत्र के घने जंगलों में सर्च ऑपरेशन पर निकले थे, तभी घात लगाकर बैठे नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई में कई नक्सली मौके पर ही ढेर हुए।
इलाके में अभी भी कॉम्बिंग ऑपरेशन जारी है और सुरक्षा कारणों से अतिरिक्त टुकड़ियां भेजी गई हैं। जब तक अभियान पूरी तरह समाप्त नहीं होता, विस्तृत जानकारी गोपनीय रखी जाएगी।
सरकार का सख्त रुख — “नक्सलवाद अंतिम दौर में”
मुठभेड़ पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा,
“हमारे वीर जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। नक्सलवाद को पूरी तरह खत्म करके ही दम लेंगे।”
वहीं गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि नक्सलवाद अब अपने अंतिम चरण में है और सरकार लगातार निर्णायक कार्रवाई में जुटी हुई है।








