भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया तनाव के बाद अब संघर्षविराम की घोषणा हो चुकी है, लेकिन यह स्पष्ट है कि इस बार पाकिस्तान को करारा जवाब मिला है। भारतीय सेना ने पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में सीमाओं के भीतर ही नहीं, बल्कि पाकिस्तान के गहरे क्षेत्रों में घुसकर आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया। सेना ने 9 से अधिक आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर पाकिस्तान को यह संदेश दिया कि भारत अब आतंकवाद के खिलाफ कोई नरमी नहीं बरतेगा।
चार दिनों तक चले सैन्य तनाव में भारत का एयर डिफेंस सिस्टम निर्णायक साबित हुआ। पाकिस्तान की ओर से दागी गई मिसाइलें और भेजे गए ड्रोन भारतीय वायु क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले ही मार गिराए गए। पाकिस्तान को यह भी समझ आ गया कि उसकी तकनीक भारत की रक्षा प्रणाली के सामने नाकाम है।
भारतीय सेना की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान को थल और वायु मोर्चों पर भारी नुकसान उठाना पड़ा है। स्कर्दू, जकोबाबाद, सरगोधा और भुलारी जैसे प्रमुख एयरबेस को गंभीर क्षति पहुंचाई गई, साथ ही एलओसी के पास पाकिस्तान के कमांड, कंट्रोल और लॉजिस्टिक इंफ्रास्ट्रक्चर को भी तबाह किया गया।
पाकिस्तान की आर्थिक हालत पहले से ही जर्जर है। हाल ही में उसे IMF से 1 अरब डॉलर का ऋण मिला है, जिसका भारत ने विरोध किया था। भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर यह आशंका जताई थी कि पाकिस्तान इस धन का उपयोग आतंकवाद को बढ़ावा देने में कर सकता है।
इस बीच भारत की ओर से यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि अब कोई भी आतंकी हमला भारत पर “युद्ध की कार्यवाही” (Act of War) के रूप में देखा जाएगा, और उसका जवाब उसी स्तर पर दिया जाएगा। पाकिस्तान को यह भी स्पष्ट हो गया है कि भारत अब किसी भी प्रकार की धमकी या दबाव में आने वाला नहीं है।










