जिन्दल स्टील ने अंगुल में देश की सबसे बड़ी ब्लास्ट फर्नेस शुरू की, 12 एमटीपीए क्षमता हासिल करने की तैयारी

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रायगढ़— जाने-माने उद्योगपति नवीन जिन्दल के नेतृत्व वाली कंपनी जिन्दल स्टील ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के सपनों को साकार करने की दिशा में एक नई पहल करते हुए अपने अंगुल स्टील प्लांट में देश की सबसे बड़ी ब्लास्ट फर्नेस में से एक की शुरुआत कर मील का पत्थर स्थापित किया है। इसका नाम भगवती सुभद्रिका ब्लास्ट फर्नेस-II रखा गया है, जिसके संचालन से अंगुल प्लांट की हॉट मेटल उत्पादन क्षमता 4 एमटीपीए से बढ़कर 9 एमटीपीए हो गई है। इसके साथ ही अंगुल स्टील प्लांट एक ही स्थान पर संचालित ओडिशा का सबसे बड़ा स्टील प्लांट बन गया है।

अंगुल में आयोजित एक विशेष समारोह में इस प्लांट की शुरुआत चेयरमैन नवीन जिन्दल ने की। 5,499 नॉर्मल क्यूबिक मीटर उपयोगी मात्रा वाली यह फर्नेस दुनिया की सबसे बड़ी और अत्याधुनिक ब्लास्ट फर्नेस में से एक है। अत्याधुनिक ऑटोमेशन, मजबूत सुरक्षा और अपनी बढ़ी हुई क्षमता के साथ भगवती सुभद्रिका ब्लास्ट फर्नेस-II नए औद्योगिक मानक स्थापित करने की जिन्दल स्टील की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

इस अवसर पर नवीन जिन्दल ने कहा, “अंगुल में भगवती सुभद्रिका ब्लास्ट फर्नेस- II की शुरुआत जिन्दल स्टील और देश के लिए गर्व का पल है। अंगुल की स्टील उत्पादन क्षमता को 12 एमटीपीए तक बढ़ाकर हम विश्व में अपनी पहचान और ताकत बढ़ा रहे हैं और आत्मनिर्भर भारत के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहरा रहे हैं। ओडिशा की संस्कृति से गहराई से जुड़ा और नवीनतम तकनीक से संचालित यह फर्नेस परंपरा और इनोवेशन को साथ लेकर चलने के हमारे दृष्टिकोण को दर्शाती है और हमारी भावी रणनीति को परिभाषित करती है।”

जिन्दल स्टील की दीर्घकालिक योजनाओं को देखते हुए इस ब्लास्ट फर्नेस की शुरुआत एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इसके साथ ही अंगुल प्लांट अब कंपनी के विस्तार में कंपनी के केंद्र के रूप में कार्य करेगा। भविष्य की विकास परियोजनाओं में पारादीप में बंदरगाह, स्लरी और कोयला पाइपलाइन, श्रीभूमि पावर प्लांट और नए कोक ओवन प्लांट शामिल हैं। ये परियोजनाएं मिलकर अंगुल को जिन्दल स्टील के विश्व स्तर पर विस्तार का अग्रणी केंद्र बनाएंगी।

उल्लेखनीय है कि जिन्दल स्टील भारत की अग्रणी स्टील कंपनियों में से एक है, जिसकी दुनिया भर में पहचान उसकी भव्यता, दक्षता और गुणवत्ता के कारण है। यह कंपनी ‘माइन-टू-मेटल’ (खदान से स्टील तक) मॉडल पर काम करती है, जिसका अर्थ है कि यह कच्चे माल से लेकर अंतिम उत्पाद के निर्माण तक की पूरी प्रक्रिया को नियंत्रित करती है। 12 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक के निवेश के साथ, यह कंपनी रायगढ़, अंगुल और पतरातू में अत्याधुनिक स्टील प्लांट का संचालन करती है। कंपनी भारत और अफ्रीका, दोनों महादेशों में सक्रिय है और महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसकी विविध और भविष्य के लिए उपयोगी उत्पाद श्रृंखला, बुनियादी ढांचा क्षेत्र, निर्माण और विनिर्माण जैसे मुख्य क्षेत्रों में इसकी ताकत है।

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