बिहार की राजनीति में एक बार फिर इतिहास रचा गया है। राज्य के सबसे लंबे समय तक कार्यकाल संभालने वाले नेता नीतीश कुमार ने गुरुवार को दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर एक नया रिकॉर्ड स्थापित कर दिया। भारत में शायद ही कोई मुख्यमंत्री इतने बार शपथ ग्रहण के मंच पर पहुंचा हो।
19 साल के कार्यकाल का नया अध्याय
74 वर्षीय नीतीश कुमार ने अपने लगभग 19 वर्ष लंबे कार्यकाल को आगे बढ़ाते हुए देश के सबसे लंबे समय तक सत्ता में रहने वाले शीर्ष 10 मुख्यमंत्रियों में शामिल होने का गौरव हासिल किया है।
पटना के गांधी मैदान में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह बेहद भव्य रहा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और एनडीए के कई प्रमुख नेता मौजूद रहे।
राजनीतिक सफर की शुरुआत से आज तक
नीतीश कुमार का जन्म 1951 में बिहार के बख्तियारपुर में हुआ। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत जेपी आंदोलन से की।
- 1977 में पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ा।
- 1985 में मिली पहली बड़ी चुनावी जीत।
पांच दशक से अधिक लंबे राजनीतिक करियर में कई बार गठबंधन बदलने की वजह से उन्हें जहां विपक्ष द्वारा ‘पलटू राम’ कहा गया, वहीं प्रशासनिक दक्षता और सुशासन के लिए जनता ने उन्हें ‘सुशासन बाबू’ की उपाधि दी।
बिहार की राजनीति में स्थायी छाप
नीतीश कुमार का यह नया रिकॉर्ड उनके राजनीतिक प्रभाव, रणनीति और जनसमर्थन का परिचायक है।
दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर उन्होंने एक बार फिर साबित किया है कि बिहार की राजनीति में उनकी पकड़ और स्वीकार्यता आज भी बेहद मजबूत है।









