पाली का भाईचारा तार-तार: गैंगवार की आग में झुलसी शांति, कोल माइंस में खूनी खेल से दहशत

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शांतिप्रिय पाली क्षेत्र में अशांति का पैगाम लाया गैंगवार: कभी भाईचारे से रहने वाले लोग वर्चस्व की लड़ाई में बने जानी दुश्मन, कोल माइंस में एक की बेरहमी से हत्या के बाद एक पार्टी के दो गुटों पर अलग- अलग एफआईआर, वारदात से अमन पसंद लोगों में चिंता की लकीरें


कोरबा/पाली:-एक समय था जब पाली को शांतिप्रिय नगर कहा जाता था, तब छिटपुट घटनाएं तो होती थी लेकिन ऐसा कभी नही हुआ था कि वर्चस्व की लड़ाई में खूनी खेल खेला जाए। समय के साथ- साथ बीते कुछ साल पहले नगर के समीप एसईसीएल की कोरबा परियोजना क्षेत्र के सराईपाली बुड़बुड़ खदान का संचालन प्रारंभ हुआ और यहीं से वर्चस्व की लड़ाई शुरू हुई, जिसने धीरे- धीरे कर ऐसा विकराल रूप धारण कर लिया जिसमे एक की जान चली गई और एक पार्टी के दो गुटों में बंटे लोगों के ऊपर अलग- अलग धाराओं में अपराध पंजीबद्ध हो गया। जिस भयावहता ने अमन पसंद लोगों में चिंता की लकीरें खींच दी है।

पाली विकासखण्ड में एसईसीएल की संचालित बुड़बुड़ खदान में कोयला खनन का कार्य महज दो से तीन साल पहले शुरू हुआ। जहां कोल कार्य को लेकर वर्चस्व कायम करने एक ही पार्टी में दो फाड़ हो गया और दो गुट में बंटे लोगों में चली आ रही आपसी मतभेदता ने धीमे रूप में सुलगते हुए रंजिश का रूप ले लिया तथा कोयला के वर्चस्व की लड़ाई में जानी दुश्मन बने दो गुटों के बीच बीते 28 मार्च को हुए गैंगवार में आखिरकार एक ट्रांसपोर्टर की जान चली गई। जिसका अंदाजा किसी को नही था कि शांतिप्रिय पाली नगर में वर्चस्व की लड़ाई को लेकर एक दिन खूनी खेल होगा।

आखिरकार दो पक्षों की रंजिश पर क्षणिक आवेश में घटित गैंगवार में एक की मौत के बाद एक पक्ष हत्या के मामले में सलाखों के पीछे पहुँच गया तो दूसरे पक्ष के खिलाफ भी सामानों की तोड़फोड़, आगजनी, मारपीट के मामले में अपराध दर्ज कर लिया गया है। कोयला के कारोबार को लेकर हत्या करने वाले और उसके बाद पाली क्षेत्र में हुए हत्या को लेकर दंगे फैलाने के आरोपी वर्ग एक ही पार्टी से है, जो कभी भाईचारे के साथ रहते थे व पार्टी के लिए समर्पित भाव से कार्य करते आ रहे थे।

लेकिन पाली क्षेत्र में खदान खुलने के बाद इनके भाईचारे को जैसे ग्रहण सा लग गया और कोयला के वर्चस्व की लड़ाई में दो गुटों में बंटे लोगों के बीच दिन ब दिन आपसी तनाव बढ़ता गया और जिसने 28 मार्च की रात विस्फोटक रूप धारण कर लिया। दुष्परिणाम यह कि खूनी झड़प से हुए हत्या के बाद नगर क्षेत्र भयभीत व चिंतित हो चला है।

घटना को लेकर एसईसीएल बुड़बुड़ प्रबंधक की भूमिका को भी नजर अंदाज नही किया जा सकता, जिसके कारण कोयले की लड़ाई में गैंगवार हुई। क्षेत्र के अमन पसंद लोगों को इस घटना ने झकझोर कर रख दिया है और उनमें भारी आक्रोश, शोक, सन्नाटे के साथ चिंता की लकीरें उभर आयी है तथा उनके जेहन में घटनाक्रम को लेकर एक ही सवाल उठ रहा है कि भविष्य में दोबारा इस तरह के कोई घटना की कहीं फिर पुनरावृत्ति न हो?

बहरहाल घटित घटना को प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा भी गंभीरता से लिया गया है और जांच के लिए पांच सदस्यीय टीम का गठन कर प्रभावित क्षेत्र/गांव का दौरा कर पीड़ित परिजनों तथा ग्रामवासियों व खदान कर्मियों से भेंट/चर्चा करते हुए घटना की वस्तुस्थिति से अवगत होकर प्रतिवेदन अविलंब प्रदेश कांग्रेस कमेटी को प्रेषित करने पत्र में लिखा गया है।

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