कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की चल रही चर्चाओं के बीच कांग्रेस हाईकमान और राज्य के वरिष्ठ नेताओं के बीच हुई बैठकों ने राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। इसी दौर में राज्य सरकार के मंत्री प्रियांक खरगे ने स्पष्ट किया कि पार्टी में किसी तरह का भ्रम या मतभेद नहीं है।
सिद्धारमैया के मुख्यमंत्री पद पर बने रहने को लेकर पूछे गए सवाल पर प्रियांक खरगे ने कहा, “सब कुछ ठीक है। आलाकमान जो भी निर्णय लेता है, हम सब उसका पालन करते हैं—चाहे वह वर्तमान के लिए हो या भविष्य के लिए।”
मल्लिकार्जुन खरगे के दावेदारी को लेकर टिप्पणी
कर्नाटक के मंत्री शिवानंद पाटिल की कथित टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रियांक खरगे ने कहा,
“जब भी राज्य में चुनाव होते हैं, मल्लिकार्जुन खरगे मुख्यमंत्री पद के दावेदार बताए जाते हैं। संसदीय चुनाव आते हैं, तो उन्हें प्रधानमंत्री पद का दावेदार कहा जाता है। इससे फर्क नहीं पड़ता—आखिरकार संख्या ही मायने रखती है। जो भी कहना होगा, वह स्वयं कहेंगे।”
भाजपा पर प्रियांक खरगे का पलटवार
प्रियांक खरगे ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा,
“हम सब एक सुर में बोल रहे हैं, तो भाजपा की दुविधा कैसी? उन्हें मुद्दे नहीं मिल रहे। जब भी वे कोई मुद्दा उठाते हैं, खुद ही फंस जाते हैं। समस्या उनमें है, हममें नहीं।”
विपक्षी भाजपा नेता आर. अशोक की ओर से नेतृत्व परिवर्तन के आरोपों पर उन्होंने कहा,
“अशोक अब बेरोजगार हो चुके हैं। ढाई साल से क्रांति-क्रांति चिल्ला रहे हैं। असल क्रांति उनकी पार्टी में हो रही है—यतनाल को निकाल दिया गया। वे खुद विपक्ष के नेता और भाजपा अध्यक्ष के पद पर टिके रहने की गुहार लगा रहे हैं। अपनी कमजोरी छिपाने के लिए वे कांग्रेस में क्रांति होने का दिखावा कर रहे हैं।”
राहुल गांधी से मुलाकात पर स्पष्टीकरण
राहुल गांधी से मुलाकात पर प्रियांक खरगे ने बताया,
“राहुल गांधी बेंगलुरु टेक समिट में एआई पर्सनल कंप्यूटर लॉन्च करने वाले थे। मैंने उनसे समय मांगा और हम उन्हें वही एआई पीसी दिखाने गए। क्या मुझे अपने विभाग के असाधारण काम को अपने हाईकमान को नहीं दिखाना चाहिए?”
कुल मिलाकर, प्रियांक खरगे के बयानों ने ये संदेश साफ कर दिया है कि नेतृत्व परिवर्तन को लेकर पार्टी में फिलहाल कोई मतभेद नहीं है और कांग्रेस कर्नाटक में पूरी तरह एकजुट है।









