15 अगस्त 2025 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को संबोधित किया। अपने भाषण में उन्होंने भारत की तकनीकी, ऊर्जा, रोजगार और कृषि के भविष्य को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं।

प्रमुख घोषणाएँ
सेमीकंडक्टर निर्माण: दशकों की देरी के बाद भारत इस वर्ष के अंत तक अपनी पहली मेड-इन-इंडिया चिप लॉन्च करेगा।
परमाणु ऊर्जा: 2047 तक परमाणु ऊर्जा क्षमता को दस गुना बढ़ाने का लक्ष्य, 10 नए रिएक्टर निर्माणाधीन।

जीएसटी सुधार: दिवाली पर अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधार लागू होंगे, जिससे आवश्यक वस्तुओं पर टैक्स में राहत मिलेगी।
10 ट्रिलियन डॉलर कार्यबल: भारत को 2047 तक 10 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए सुधार कार्य बल का गठन।
रोज़गार योजना: 1 लाख करोड़ रुपये की ‘पीएम विकसित भारत रोज़गार योजना’ के तहत 3 करोड़ युवाओं को प्रतिमाह 15,000 रुपये का लाभ।

जेट इंजन निर्माण: देश में स्वदेशी जेट इंजन बनाने की चुनौती वैज्ञानिकों और युवाओं को दी गई।
ऊर्जा स्वतंत्रता: डीपवॉटर अन्वेषण मिशन और सौर, हाइड्रोजन, जलविद्युत व परमाणु ऊर्जा के विस्तार पर ज़ोर।
जनसांख्यिकी मिशन: सीमावर्ती क्षेत्रों में जनसांख्यिकीय असंतुलन से निपटने के लिए उच्च-स्तरीय मिशन की शुरुआत।
किसानों के लिए संदेश
प्रधानमंत्री ने किसानों को स्वतंत्र भारत से समृद्ध भारत तक की यात्रा का आधार बताते हुए कई पहलुओं पर ज़ोर दिया—
भारत अब दूध, दलहन और जूट उत्पादन में विश्व में पहले स्थान पर है।
कृषि निर्यात 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक पहुंचा।
100 पिछड़े कृषि जिलों के लिए पीएम धन्य-धान्य कृषि योजना की घोषणा।

उर्वरक और अन्य कृषि आदानों के घरेलू उत्पादन पर बल।
सिंधु जल संधि को अन्यायपूर्ण बताते हुए कहा कि भारत अब अपने हिस्से का पानी सुनिश्चित करेगा।
राजनीतिक संदेश
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने आपातकाल की याद दिलाई, आरएसएस के योगदान का उल्लेख किया और देश की सुरक्षा व एकता के लिए कठोर रुख अपनाने का संदेश दिया। आत्मनिर्भरता को केंद्र में रखते हुए उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से वैश्विक आर्थिक चुनौतियों पर भारत की तैयारी का संकेत भी दिया।










