भारत में एक बार फिर कोरोना संक्रमण ने रफ्तार पकड़ ली है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, 31 मई 2025 तक देश में कुल 3,395 सक्रिय कोविड-19 मामले दर्ज किए गए हैं। बीते दो वर्षों में यह पहला मौका है जब सक्रिय केस तीन हजार के पार पहुंचे हैं। केरल में सबसे ज्यादा 1,336 केस सामने आए हैं, जिसके बाद महाराष्ट्र (467) और दिल्ली (375) में संक्रमित मरीजों की संख्या सबसे अधिक है।
पिछले 24 घंटों में कोरोना से चार लोगों की मौत हुई है, जिनमें से दिल्ली, केरल, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश से एक-एक मौत की पुष्टि हुई है। इसके अलावा गुजरात (265), कर्नाटक (234), पश्चिम बंगाल (205), तमिलनाडु (185) और उत्तर प्रदेश (117) में भी दर्जनों नए मामले सामने आए हैं।
महज 10 दिनों में केसों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। 22 मई को देश में केवल 257 सक्रिय केस थे, जो 26 मई तक 1,010 और 31 मई तक 3,395 हो गए। बीते 24 घंटे में 685 नए मामले सामने आए हैं।
केरल और महाराष्ट्र में मौतों की संख्या सबसे अधिक
केरल में अब तक कोरोना से 5 मौतें हुई हैं, जबकि जनवरी 2025 में महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा 7 मौतें दर्ज की गई थीं। अब तक कुल 22 मौतें दर्ज की जा चुकी हैं। स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए हुए है।
कर्नाटक सरकार ने स्कूलों के लिए जारी की नई गाइडलाइंस
कर्नाटक में बढ़ते मामलों के बीच राज्य सरकार ने एहतियात के तौर पर स्कूलों को लेकर नई गाइडलाइंस जारी की हैं। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की अध्यक्षता में 26 मई को हुई समीक्षा बैठक के बाद, निर्देश दिया गया है कि अगर किसी बच्चे में बुखार, खांसी, जुकाम या कोरोना जैसे लक्षण नजर आएं तो उसे स्कूल न भेजा जाए।
परिपत्र में कहा गया है कि बीमार बच्चों को पूरी तरह ठीक होने के बाद ही स्कूल आने की अनुमति दी जाए। स्कूल प्रशासन को हिदायत दी गई है कि यदि कोई बच्चा लक्षणों के साथ स्कूल आता है, तो माता-पिता को सूचित कर तुरंत घर भेजा जाए।
सावधानी ही बचाव
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सतर्कता बेहद जरूरी है। मास्क पहनना, हाथों की सफाई और सामाजिक दूरी जैसे नियमों का पालन करने की अपील की जा रही है।







