Vachannews ग्राउंड रिपोर्ट । सीपत–बलौदा मार्ग।
बिलासपुर/सीपत। सीपत–बलौदा मार्ग की जर्जर हालत ने बारिश के मौसम में लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। स्टेट हाईवे होने के बावजूद सड़क पर जगह-जगह गड्ढे, कीचड़ और जलभराव की स्थिति बनी हुई है। हालात यह हैं कि सड़क से गुजरना वाहन चालकों के लिए जोखिम भरा हो गया है, वहीं पैदल राहगीरों का चलना तक मुश्किल हो गया है।
मौके की तस्वीरें सड़क की बदहाली की पूरी कहानी बयां कर रही हैं। सड़क पर जमा पानी और कीचड़ के बीच से भारी मालवाहक वाहन लगातार गुजर रहे हैं, जिससे सड़क की स्थिति और खराब होती जा रही है। भारी वाहनों के आवागमन से कीचड़ उछलने के साथ राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

भारी वाहनों की आवाजाही ने बढ़ाई परेशानी
सीपत–बलौदा मार्ग पर भारी वाहनों की लगातार आवाजाही के कारण सड़क की हालत और खराब होती दिखाई दे रही है। बारिश के बाद कीचड़ से सनी सड़क पर बड़े वाहनों के गुजरने से राह और अधिक दलदली हो जाती है।

एक तरफ गड्ढों और कीचड़ से बचने की जद्दोजहद, दूसरी तरफ तेज गति से गुजरते भारी वाहन—ऐसे हालात में पैदल राहगीरों और बाइक सवारों के लिए यह मार्ग किसी चुनौती से कम नहीं है।
हादसे का खतरा, फिर भी जिम्मेदार बेखबर?
सड़क पर जगह-जगह पानी भरा होने के कारण गड्ढों की गहराई दिखाई नहीं देती। इससे दोपहिया वाहन चालकों के फिसलने और दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। वहीं सड़क के किनारे जलनिकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से बारिश का पानी और कीचड़ समस्या को और गंभीर बना रहे हैं।
सवाल यह है कि जब यह मार्ग स्टेट हाईवे है और रोजाना बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं, तो इसकी मरम्मत और रखरखाव को लेकर जिम्मेदार विभाग कब गंभीर होगा?

लोगों की मांग—सड़क की तत्काल मरम्मत हो
स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से मांग की है कि सीपत–बलौदा मार्ग की तत्काल मरम्मत, गड्ढों की भराई और जलनिकासी की व्यवस्था कराई जाए। साथ ही भारी वाहनों की आवाजाही को देखते हुए सड़क की गुणवत्ता और मजबूती पर भी विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि बारिश के मौसम में किसी बड़े हादसे की नौबत न आए।
फिलहाल सीपत–बलौदा स्टेट हाईवे की यह तस्वीर विकास के दावों के बीच एक बड़ा सवाल खड़ा कर रही है—क्या जिम्मेदारों को सड़क की यह बदहाली नजर नहीं आ रही, या फिर किसी बड़े हादसे का इंतजार है?








