Vachannews विशेष रिपोर्ट।
बिलासपुर /मस्तूरी । ग्राम पंचायत ऊनी में लावारिस गाय-बैलों की बढ़ती संख्या किसानों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है। पंचायत क्षेत्र में करीब 200 लावारिस मवेशी घूम रहे हैं, जो खेतों में पहुंचकर खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। कृषि पर निर्भर ग्रामीणों के सामने फसल बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है।
ग्राम पंचायत ऊनी के सरपंच पति देव कुमार साहू ने Vachannews की टीम को ग्रामीणों की समस्या से अवगत कराते हुए बताया कि बड़ी संख्या में लावारिस मवेशियों के कारण किसान लगातार चिंतित हैं। मवेशियों को एक जगह व्यवस्थित रखने की व्यवस्था नहीं होने से वे खुलेआम खेतों में पहुंच रहे हैं और किसानों की मेहनत पर पानी फेर रहे हैं।

बिलासपुर जिले की अंतिम पंचायत, दूसरी ओर से भी पहुंच रहे मवेशी
ग्राम पंचायत ऊनी बिलासपुर जिले की अंतिम पंचायत है। पंचायत की सीमा के बाद जांजगीर जिला शुरू हो जाता है। पंचायत का कहना है कि सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण दूसरे क्षेत्र से भी लावारिस पशु यहां पहुंच रहे हैं, जिससे इनकी संख्या लगातार बढ़ रही है। सीमित संसाधनों में पंचायत के लिए इतने बड़े पैमाने पर मवेशियों की व्यवस्था करना मुश्किल हो गया है।

रोजगार और विकास कार्य भी प्रभावित
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत को समय पर शासन की ओर से पर्याप्त कार्य उपलब्ध नहीं होने के कारण विकास कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में पंचायत के सामने एक ओर गांव के विकास की चुनौती है, तो दूसरी ओर लावारिस मवेशियों की बढ़ती समस्या ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से लावारिस मवेशियों के लिए स्थायी व्यवस्था, गौठान/आश्रय की उचित व्यवस्था और फसलों को नुकसान से बचाने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द व्यवस्था नहीं की गई तो खड़ी फसलों को और अधिक नुकसान हो सकता है।
अब सवाल यह है कि करीब 200 लावारिस मवेशियों से परेशान किसानों की सुध प्रशासन कब लेगा और ऊनी पंचायत को इस समस्या से कब राहत मिलेगी?








