अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ से झारखंड की यात्रा अब और आसान होने जा रही है। अंबिकापुर-रामानुजगंज राष्ट्रीय राजमार्ग के नवनिर्माण और चौड़ीकरण कार्य को गति मिल गई है। लंबे समय से जर्जर हाल में पड़ी इस सड़क की मरम्मत न होने के कारण यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। अब निर्माण कार्य जल्द शुरू होने की उम्मीद है, क्योंकि वन विभाग को 24.7 करोड़ रुपये की राशि पेड़ों की कटाई और स्थानांतरण के लिए जारी कर दी गई है।
तीन चरणों में पूरा होगा हाईवे निर्माण
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने अंबिकापुर-रामानुजगंज मार्ग को तीन चरणों में विकसित करने की योजना बनाई है।
1️⃣ अंबिकापुर बाइपास (13.7 किमी) के लिए 144 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिल चुकी है।
2️⃣ रजपुरी खुर्द से पाढ़ी तक (49 किमी) के लिए 397 करोड़ रुपये का बजट पास हुआ है।
3️⃣ बड़कीम्हरी से रामानुजगंज (29.4 किमी) के लिए 199.005 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
तीन कंपनियां संभालेंगी निर्माण कार्य
निर्माण कार्य के लिए तीन कंपनियों से अनुबंध की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी। निविदा की सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। फॉरेस्ट क्लीयरेंस मिलने के बाद निर्माण कार्य में तेजी आने की संभावना है।
छत्तीसगढ़-झारखंड को जोड़ने वाले प्रमुख मार्ग
✅ अंबिकापुर-रामानुजगंज-गढ़वा मार्ग: यह मार्ग झारखंड के गढ़वा होते हुए अन्य शहरों को जोड़ता है।
✅ जशपुर-गुमला-रांची मार्ग: इस मार्ग से होकर भी झारखंड की राजधानी रांची तक आसानी से पहुंचा जा सकता है।
वर्तमान में सड़क की हालत दयनीय
अंबिकापुर-रामानुजगंज राष्ट्रीय राजमार्ग की मौजूदा स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। मरम्मत के अभाव में सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। खासकर बलरामपुर जिले में सड़क की हालत इतनी खराब है कि दोपहिया वाहनों का चलना भी मुश्किल हो गया है। धूल के कारण वाहन चालकों को परेशानी हो रही है, जिसे कम करने के लिए नियमित रूप से पानी का छिड़काव किया जा रहा है।
🚧 सड़क निर्माण शुरू होते ही यातायात में सुधार होगा और छत्तीसगढ़ से झारखंड का सफर सुगम हो जाएगा।









